3

Recent News

Gorakhpur Viral CCTV: ज्वेलरी शोरूम लूटने आए बदमाश, मालिक की 18 साल की बेटी ने उठाकर पटका, दौड़ाकर मारा..

Gorakhpur Viral CCTV: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका भी दिया…

Crime News: पत्नी की हत्या, लाश को बक्से में बंद कर सीमेंट से ढका.. 5 दिन तक घर में रहा, बेटे को एक चिठ्ठी देकर फरार..

Crime News: गुजरात के सूरत से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की…

Iran US War: ईरान की TOGO के झंडे वाले केमिकल टैंकर पर फायरिंग, जहाज पर सवार थे 12 भारतीय और..

Iran US War: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर पर फायरिंग…

UP Police Viral Video: शाहजहांपुर में 112 पुलिस पर हमला: बारात के पैसे विवाद में ग्रामीणों ने दौड़ाकर पीटा, वर्दी फाड़ी..

UP Police Viral Video: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस पर हमले की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बारात…

Bengal Election 2026: TMC सांसद की कार पर हमला, डर के मारे फूट-फूटकर रोईं मिताली बाग.. देखें वीडियो!

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के हुगली में सोमवार को सियासी हिंसा का बड़ा मामला सामने आया है। मिताली बाग…

3

Recent News

Gorakhpur Viral CCTV: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका भी दिया…

Crime News: गुजरात के सूरत से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की…

Iran US War: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर पर फायरिंग…

UP Police Viral Video: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस पर हमले की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बारात…

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के हुगली में सोमवार को सियासी हिंसा का बड़ा मामला सामने आया है। मिताली बाग…

Breaking News

Monday Special – देवों के देव महादेव भोले शंकर भगवान ने भी ली थी समाधि, जानिए कहां और क्यों

सोमवार विशेष – 60 हजार वर्षों तक समाधि में रहे थे भोलेनाथ, जानिए कहां है यह पवित्र स्थान, पूरी होती है इच्छा 
 
Monday Special – देवों के देव महादेव के भक्तों क्या आप जानते हैं कि भोले शंकर भगवान ने भी समाधि ली थी। वो भी पूरे के पूरे 60 वर्षों तक समाधि में विलीन रहे थे। अब आप यह भी जानना चाहेंगे कि आखिरकार यह पवित्र स्थान कहां होगा और आखिर ऐसा क्या हुआ होगा कि महादेव को समाधि लेनी पड़ी। तो यह जानने के लिए बने रहिये हमारे साथ। 
 
आगे पढ़िए

यह पवित्र स्थान ऋषिकेश में है। हुआ कुछ यूं था कि विश्व कल्याण के लिए समुद्र मंथन के बाद निकले विष को कंठ में धारण कर भगवान भोलेनाथ की हजारों वर्ष की तपस्थली रही यमकेश्वर घाटी का नीलकंठ मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। 


जानिए पौराणिक मान्यता
 
पौराणिक मान्यता है कि जब भगवान शिव ने समुद्र मंथन के बाद कालकूट विष को कंठ में धारण किया तो वे नीलकंठ कहलाए। उन्हीं के नाम से इस तीर्थस्‍थल का नाम नीलकंठ तीर्थ पड़ा। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इस स्थान पर 60 हजार वर्षों तक समाधि ली थी ताकि विष के प्रभाव को कम किया जा सके।
 
मां सटी ने थी प्रथम पूजा 

समाधि के उपरान्त जगद्धात्री मां सती की प्रार्थना पर प्रसन्न होकर जगत का कल्याण करने के लिये भगवान महादेव जिस वटवृक्ष के मूल में समाधिस्थ हुए थे उसी स्थान पर नीलकंठ के स्वरूप में स्वयंभू-लिंग के रूप में प्रकट हुए। इस लिंग का सर्वप्रथम पूजा मां सती ने की थी। आज यही स्थान नीलकंठ महादेव के नाम से प्रसिद्ध है और आज भी मंदिर में स्थित शिवलिंग पर नीला निशान दिखाई देता है।

ऊँ नमः शिवाय … हर हर महादेव