श्री बागेश्वर धाम के महाराज श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के चरण कानपुर की धरती पर जैसे ही पड़े तो जय श्री राम जय बागेश्वर महाराज और जय बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। भक्तों ने पुष्प वर्षा से उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कानपुर नगर में कुछ देर रुकने के बाद कानपुर देहात के पवन तनय आश्रम के लिए रवाना हो गए थे।
श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज जैसे ही कानपुर देहात के पवन तनय आश्रम पहुंचे तो उनके स्वागत सैकड़ों भक्तों के साथ आश्रम के महाराज श्री गोपालानंद आचार्य जी खड़े हुए थे। लेकिन जैसे ही श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने आचार्य जी से भेंट की तो वह आचार्य जी के चरणों पर अपना सिर झुका बैठे और एक गुरु के नाते उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के इस आचरण को देख जागरूक हुए हजारों भक्तों ने श्री बागेश्वर धाम के साथ श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज जी के जयकारे लगाना शुरू कर दिए थे। अभी इतना ही नहीं था शास्त्री जी की इस सभ्यता को देख कुछ भक्त तो इतना प्रभावित हुए कि वह आज भी उनकी प्रशंसा करते हुए उनके सन्देश को लोगों के बीच पहुंचाने का कार्य करने में लग चुके हैं।
वैसे तो श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज जी को प्रचार की आवश्यकता टोनही है लेकिन उनकी शिष्य गुरु की शिक्षा और अपने कर्तव्य का पालन करने के तरीके से प्रभावित हुए सोनू शर्मा उर्फ मंत्री के साथ एडवोकेट लवी श्रीवास्तव, व्यापारी शीलू गुप्ता, डिस्क संचालक एवं परमट अनंदेशवर बाबा के भक्त योगी कटियार समेत उनकी टीम के अन्य साथी बाबा बागेश्वर महाराज जी एवं श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज जी के विचारों को जनता के बीच पहुंचाने का कार्य करने में लगे हुए हैं। 

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है