रिपोर्ट : अश्वनी पाठक
कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में पहचान छिपाकर प्रधान बनने का मामला सामने आया है। पूरा मामला कन्नौज के छिबरामऊ ब्लॉक का है। यहां के मुड़िया ग्राम पंचायत के प्रधान पर नाम बदलकर प्रधानी करने के आरोप लगे हैं।
ग्राम पंचायत के रहने वाले हाईकोर्ट के अधिवक्ता दलगंजन सिंह का कहना है कि प्रधानपति उदयवीर सिंह ने तीन शादियां की हैं। पहली पत्नी का नाम उषा देवी है, उनके पास ही अपनी पहचान के सारे अभिलेख उपलब्ध थे। किसी विवाद के बाद वह पति से अलग हो गयीं और कानपुर देहात के एक गांव में अपने मायके चली गयीं।

अधिवक्ता का आरोप है कि उदयवीर ने प्रधानी के चुनाव में तीसरी पत्नी बता मीना देवी को ऊषा देवी के नाम पर चुनाव लड़ाया और जीत हांसिल की। अब वह लगातार कई साल से पहली पत्नी के नाम पर जमकर भृष्टाचार कर रहा है। जिससे कि कभी भांडा फूटे तो पहली पत्नी ऊषा दुबे फंसे। उसने प्रधानपति की इस धोखाधड़ी की शिकायत डीएम से कर मामले में जांच करा कार्यवाही की बात कही है। जिसके बाद डीएम ने मामले में जांच शुरू करवा दी है। अधिवक्ता ने चुनाव आयोग को भी इस घपलेबाजी के बारे में लिखकर भेजा है।

उनका कहना है कि कई साल से इस मामले को उठा रहा हूँ, लेकिन प्रशासनिक हीलाहवाली के चलते उदयवीर सिंह साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है।
मीडिया से बात करते हुए विकासखंड अधिकारी दीपांकर आर्य ने बताया है। मामले की शिकायत उनको मिली है। जांच की जा रही है। जांच में जो भी प्रकरण सामने आएगा उसके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है