रिपोर्ट : संदीप शर्मा
कन्नौज जिले में एक बार अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर गरजा है। जिससे घंटों तक हड़कंप का माहौल रहा। भारी पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में अतिक्रमणकारियों की दुकानों को गिरवा दिया गया।

कन्नौज के छिबरामऊ के नेशनल हाइवे पूर्वी बाई पास पर नेशनल हाइवे की अधिग्रहीत जमीन पर कुछ दुकानें पिछले काफी समय से स्थित हैं। यहां दुकानदार अपना कारोबार करते हैं। बीते समय में नेशनल हाइवे द्वारा यहां कार्य कराया जाना था, जिसके बाद यहां गोल चक्का बनाया जाना था। हाइवे पर पिछले काफी समय से दुकाने रखे दुकानदारों से नेशनल हाइवे सुरक्षा कर्मियों द्वारा बात करके दुकानें हटा लेने और उसके एवज में मुआवजा दिये जाने की बात भी कही गई थी।

लेकिन इसके बाद भी दुकानदार अपना स्वामित्व बताते हुये दुकानें खाली करने को राजी नहीं हुये।आखिर एक लंबे समय तक (करीब 6 साल) सिविल कोर्ट और उच्च न्यायालय में मुकदमा भी चला। कोर्ट का फैसला नेशनल हाइवे सुरक्षा के पक्ष में आया तो जिलाधिकारी कन्नौज शुभ्रांत कुमार शुक्ल के आदेश के बाद छिबरामऊ तहसील प्रशासन ने कार्यवाही शुरू की।

एसडीएम उमाकांत तिवारी के नेतृत्व में तहसीलदार, राजस्व टीम, छिबरामऊ और सकरावा का पुलिस और पीएसी बल मौके पर पहुंचा। जिसके बाद यहां शुरू हुआ बुलडोजर के गरजने का सिलसिला। देखते ही देखते नेशनल हाइवे की जमीन पर स्थित 12 दुकानदारों की दुकानें मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं।

इस दौरान इन दुकानों के दुकानदार लगातार हंगामा काटते रहे, वहां भारी भीड़ डटी रही।किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित ना हो, इसको लेकर प्रशासन ने ड्रोन कैमरों से निगरानी भी कराई। जीव दुकानदारों की दुकानें जमींदोज हुई हैं उनको कानपुर स्थित भूमि अधिग्रहण कार्यालय से अपना पक्ष और स्वामित्व साबित करने के बाद मुआवजा भी मिलेगा की बात भी कही गई है।मौके पर भारी पुलिस बल के अलावा नेशनल हाइवे एनएच 34 के साइड इंजीनियर शिवम कुमार भी मौजूद रहे।