रिपोर्ट : संदीप शर्मा
आज शुक्रवार यानी 21 जून, दसवां योग दिवस है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से लेकर अभी तक भारत से लेकर कई देशों में योग को अलग अलग थीम पर मनाया जा रहा है। इस बार की थीम “योगा फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी रहा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां श्रीनगर में योग किया, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजभवन में। कन्नौज में भी दसवां अंतराष्ट्रीय योग दिवस जोश खरोश के साथ मनाया गया।

जिला कलेक्ट्रेट मुख्यालय हो, पुलिस लाइन हो, कन्नौज का चिल्ड्रेन पार्क हो, स्कूल कॉलेज हों या फिर जिले भर के पार्क, सड़के, या फिर घर, चहुंओर अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र छात्राएं, बूढ़े बुजुर्ग, से लेकर जनमानस योगाभ्याष करते हुये नजर आये।कन्नौज की पुलिस लाइन में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से लेकर डीएम सुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसपी अमित कुमार आनंद से लेकर बीजेपी जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया आदि कई अधिकारी, नेता, कर्मचारी, पुलिस कर्मी, योग तीनों के साथ योगाभ्यास करते हुये नजर आये। पुलिस लाइन में आयोजित योग दिवस पर कई योग प्रतिभागियों को मंत्री और अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।योग को लेकर हर किसी ने अपनी अपनी राय भी साझा की।

योग आध्यात्मिक, शारीरिक, और मानसिक प्रथाओं का एक समूह है, जिसकी उत्पति प्राचीन भारत में हुई थी। योग का शाब्दिक अर्थ है जोड़ना। योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा (आसन) ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है। इस शब्द का अर्थ ही ” योग ” या भौतिक के स्वयं के भीतर आध्यात्मिक के साथ मिलन है। योग को अलग अलग नामों से पुकारा जाता है। इसे प्राणायाम योग भी कहते हैं। एक आध्यात्मिक प्रक्रिया जहां शरीर, मन और आत्मा संयुक्त होते है (योग) शब्द हिंदू धर्म , जैन धर्म, बौद्ध धर्म, में ध्यान की प्रक्रिया से संबंधित है।योग एक संस्कृत शब्द भी है, जो युज से आया है, जिसका अर्थ है इकठ्ठा होना, बांधना। योग अब भारत सहित चीन, जापान, तिब्बत, दक्षिण पूर्व एशिया और श्रीलंका के साथ साथ चहुंओर फैल गया है। इस समय पूरे सभ्य दुनिया में लोग इससे परिचित हो रहे हैं।
इस प्रकार योग से संबंधित जानकारियां भी कन्नौज में आयोजित योग शिविरों में दी गईं। योग से मन की शांति, तनाव से मुक्त जीवन, शरीर की थकान, रोग मुक्त शरीर, वजन पर काबू रखना, आदि कई लाभ शामिल हैं।
कई प्रकार के आसन में 84 बुनियादी आसनों में कई आसान चेतना को जगाने वाले हैं। शवासन, मकरासन, शिथिलताड़ाशन , शिथिल दण्डासन, को विश्राम मुद्राओं के रूप में तो पद्माशन , सिद्धाशन, वज्रासन, सुखासन,को ध्यान मुद्रा, जबकि शेष आसनो को सांस्कृतिक योग के रूप में किया जाता है।
शुक्रवार को 10 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कन्नौज सहित तिर्वा,छिबरामऊ, गुरसहायगंज, आदि क्षेत्रों के स्कूल कॉलेजों, पार्कों, कार्यालयों, मैदानों,घरों आदि में जोर शोर और उत्सुकता के अलावा जोश खरोश के साथ जनमानस ने मनाया।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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