निजी संस्था संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश

हरदोई: उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली करने वाली निजी संस्था का खुला बड़ा कारनामा, लगभग दो करोड़ 68 लाख रुपए वसूलने के बाद भी विद्युत विभाग में ब्योरा न अपलोड करना और विभाग को धनराशि उपलब्ध न कराना निजी संस्था के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। शहर में नामित सरल ई-कॉमर्स संस्था के खिलाफ बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी हो चुके है।
अधिकृत संस्था द्वारा वसूले बिजली बिल में जानिए कैसे किया बड़ा खेल

सिटी विद्युत उपकेंद्र पर सरल नाम से सीएससी चलाने वाली संस्था ने बिल वसूली में बड़ा खेल कर दिया। उपभोक्ताओं से बिल तो वसूल लिया, लेकिन इसका ब्योरा बिजली विभाग की बेवसाइट पर अपडेट नहीं किया। नए बिलों के साथ जब पुराने बिल जुड़कर आने लगे तो उपभोक्ताओं के होश उड़ गए और इसकी शिकायत सिटी एसडीओ से दर्ज कराई तो पूरा मामला खुल गया। लगभग 25 लाख रुपये उपभोक्ताओं से वसूलने के बाद भी इसका ब्योरा साइट पर अपडेट नहीं किया गया। शहर में बिजली बिल जमा करने वाली संस्था का अनुबंध पूर्व में ही समाप्त हो गया था। ऐसे में विद्युत उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं द्वारा लगातार बिजली बिल जमा किये जा रहे थे। विभाग द्वारा उक्त संस्था को सितंबर में शहर के विद्युत वितरण खंड द्वितीय, कोयल बाग कालोनी उपकेंद्र, सिटी विद्युत उपकेंद्र पर बिल जमा करने की जिम्मेदारी दे दी गई थी। पूरे माह संस्था के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के बिल जमा किए, लेकिन संस्था की ओर से बिल जमा करने के उपरांत उसको विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। जब माह के अंत में बिजली बिल जारी किए गए, तो बिल में भारी बकाया जुड़ कर आ गया। बिलों में यह गड़बड़ी देख उपभोक्ताओं के होश उड़ गए और इसकी सूचना लेकर उपकेन्द्र पर पहुंच गए। अधीक्षण अभियंता ने संस्था संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
जानिए क्या बोले संस्था प्रभारी
सरल ई-कामर्स जिला प्रभारी अभय कुमार ने बताया कि सभी आरोप निराधार है, किसी प्रकार का गबन या अनियमितता नहीं है। उपभोक्ता का जितना बिल जमा किया गया है, वह पूरा विभाग को दे दिया गया है। यह विभागीय तकनीक के चलते समस्या हो सकती है।