Kannauj News : मां कालरात्रि की पूजा कर मांगी “सुख-शांति”, दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़
( छिबरामऊ से अमित गुप्ता की रिपोर्ट )
कन्नौज जिले क छिबरामऊ–सौरिख रोड स्थिति सिद्धपीठ मां कालिका देवी मन्दिर सहित नगर के विभिन्न देवी मन्दिरों में श्रद्धालुओं द्वारा मां भगवती के सातवें स्वरुप मां कालरात्रि की श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना की गयी। श्रद्धालुओं ने माता के मन्दिरों में माथा टेक मनौतियां मांगी।
शनिवार को सुबह चार बजे से ही मां भगवती के सातवें स्वरुप मां कालरात्रि के दर्शनों को नगर के विभिन्न मन्दिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु टोलियों के रुप में जयकारों के साथ मैइया के दरबारों मे जाते देखे गये। पुराणों के अनुसार मां कालरात्रि अर्थात् काल को जीतने वाली जन्मपालन और काल यह मां कालरात्रि देवी के तीन स्वरुप हैं। मृत्यु न हो तो क्या हो सृष्टि का संयोजन और संचालन इन्हीं काली माता की कृपा का फल है। लोगों का मानना है कि मां अपने भक्तों को सहज भाव से दर्शन प्रदान करती हैं। उनकी भक्ति, उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, काम, मोक्ष, धर्म की प्राप्ति हो जाती है।

इस शारदीय नवरात्र पर सम्पूर्ण नगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र भी भक्तिमय बन गया है। धूप, अगरबत्ती और यज्ञों से उठने वाला धुंआ वातावरण को सुगन्धित बना रहा है। माता के जयकारों एवं मन्दिर के बजते घण्टा घड़ियाल भी भक्तों में एक नया जोश पैदा किये हैं। नगर के सौरिख रोड स्थिति सिद्धपीठ मां कालिका देवी मन्दिर पर प्रतिदिन हजारों भक्त आकर माथा टेककर माता से सुख समृद्धि की कामना कर मनौतियां मांगते एवं प्रसाद वितरित करते देखे गये। शनिवार को सैंकड़ो की संख्या में महिलायें प्रभातफेरी के रुप में मैइया के दरबार पहुंची माथा टेका, प्रसाद वितरण किया और भागवत कथा को सुना।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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