इंतजार की घड़ी हुई खत्म – जल्द जानिए कानपुर में कितने बजे निकलेगा करवा का चांद
करवा चौथ स्पेशल 2023 – करवा चौथ का व्रत रखने वाली कानपुर की सुहागिन महिलाओं के इंतजार के उस पल की खबर आ ही गई जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था कि उनका चांद कब निकलेगा। इस शुभ घड़ी का वक्त भी आ गया है बस आपको अपनी पूजा की थाली तैयार रखनी होगी और विधि विधान से पूजा पाठ करने के बाद चाँद का दीदार करते हुए अपने जीवन साथी का चेहरा जरूर देंखे।
जानिए कितने बजे निकलेगा चाँद
वैसे तो अलग अलग जिलों में चाँद निकलने यानी दिखने का समय होगा लेकिन ग्रहों की चाल के अनुसार कानपुर में आज का चाँद 08 बजकर 08 मिनट पर निकल आएगा। जिसे आप देखते ही अपनी पूजा अर्चना शुरू कर दें।
इस तरह से सजाएं अपनी पूजा की थाली
दिन महिलाएं प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी की पूजा के साथ ही माता पार्वती और देवो के देव्आ महादेव शिव शंकर की पूजा के साथ भगवान कार्तिकेय की पूजा करती हैं। करवा दो शब्दों को मिलकर बना होता है एक मिटटी और दूसरा बर्तन यानि मिटटी का बर्तन और चौथ का मतलब होता है गणेश जी की चतुर्थी। इन दोनों को मिलाकर करवा चौथ का शुभ नाम पड़ा।
पूजा वाली थाली
करवा चौथ की पूजा वाली थाली में तिलक, पुष्प, मिठाई, जल, चावल, गहि का दीपक, धूपबत्ती, चुनरी के साथ मिटटी का कलश, अगर आपके घर में पुश्तैनी या आपके द्वारा पूजा गया पहला करवा हो तो वह भी, सीक, छलनी का होना बहुत जरुरी है।
इस पूजा की शुरुवात में
आपको उस स्थान पर चावल का आटा या गेहूं के आटे से चौक बनाये। फिर उस स्थान को जल से शुद्ध करते हुए आगे की पूजा सुरुवात करनी चाहिए। जिसमे चंद्र को अर्ध्य देते हुए उनकी पूजा करनी चाहिए फर आपने जो मिटटी का करवा लिया है उसमे खील, गट्टा, लइया, चीनी के खिलौने, लाईची दाना, मिठाई भरे और दूसरे में जल भरें। पूजा के बाद करवा को सात बार घुमाया जाता है और फिर करवा की कथा को पढ़ा जाता है इसके बाद सीक को अपने बालों से छुआकर परिवार की कन्या से उसमे जल देते हुए चाँद की पूजा की जाती है और छलनी से चाँद को देखते हुए अपने जीवन साथी यानी पति के चेहरे का दीदार किया जाता है। इसके बाद पति को तिलक लगाते हुए मुँह मीठा कराया जाता है और फिर पति के हाथों ही मिठाई खाकर अपना व्रत तोड़ा जाता है।
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