चोरी के आरोप में दिव्यांग को घर से उठा ले गई पुलिस, फिर आई ट्रेन हादसे में मौत की खबर
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक बार फिर पुलिस पर सवालिया निशान खड़े करने वाली खबर सामने आई है जहां पुलिस मोबाइल चोरी के आरोप में एक दिव्यांग युवक को घर से पीटते हुए उठा ले जाती है और बाद में उसी युवक की ट्रेन हादसे में मौत की खबर परिजनों को दी जाती है। पर मृतक की मां ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया हैं वही अपर पुलिस अधीक्षक ने बचाव में सीसीटीवी फुटेज सबूत के तौर पर होने की बात कही है साथ ही जांच कर कार्रवाई की भी बात कही है।
आपको बता दे की पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिकायत लेकर पहुंची महिला ने पुलिस पर हत्या और षणयंत्र का आरोप लगाते हुए बताया की उसका नाम कल्ली पत्नी हरिबाबू है वह राजनगर थाना अतर्रा की रहने वाली है। उसका लड़का लवकुश दिवारी नृत्य देखने गौरा बाबा गया था जहां उसे एक मोबाइल पड़ा मिला जिसे वह लेकर घर आ गया जिसे खोजते हुए पुलिस बीस नवंबर को उसके पहुंची और घर में घुसकर उसके बेटे को जमकर पीटने लगी जिससे वह लहूलुहान हो गया जिसका विरोध मोहल्ले वालों ने किया जिसके बाद पुलिस वाले उसके बेटे को ले गए। अगले दिन 21 नवंबर को जीआरपी पुलिस उसके बेटे की फोटो लेकर घर पहुंची और उसकी ट्रेन में कटकर मौत की खबर दी । महिला ने कहा की पुलिस की पिटाई से उसके बेटे की मौत हुई है और खुद को बचाने के लिए पुलिस वालों ने उसे ट्रेन के आगे फेंक दिया। पीड़िता ने कहा की अगर उसे यहां से न्याय नहीं मिला तो वह और ऊपर तक शिकायत करेगी और आखरी सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेगी।
वही अपर पुलिस अधीक्षक ने अतर्रा पुलिस का बचाव करते हुए बताया की थाने में मोबाइल और पर्स चोरी की तहरीर मिली थी जिसके आरोप पर मृतक को गिरफ्तार किया गया था जो बहरा था उसके पास से मोबाइल बरामद हुआ था पर शिकायत कर्ता ने कहा की वह आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं चाहते जिसके बाद आरोपी को छोड़ दिया गया जिसके अकेले बाहर निकलने के सी सी टीवी फुटेज मौजूद हैं। वहीं जी आरपी पुलिस ने पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी कराई है साथ ही मामले की जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।