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BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोल

बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोल

तालाब, ऑक्सीजन पार्क, सीसी रोड, नाली और मुक्तिधाम निर्माण में हुआ लाखों का भ्रष्टाचार

वर्तमान विधायक ओम मणि वर्मा भ्रष्टाचार के दौरान थी नगर पंचायत अध्यक्ष

नायब तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट में कार्यों में अनियमितता के साथ साथ टेंडरिंग में भी खड़े किए सवाल

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोल बांदा जिले से विकास के नाम पर लाखों के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिसकी पुष्टि ग्रामीण तो कर ही रहे हैं साथ ही नायब तहसीलदार ने खुद अपनी पांच बिंदुओं की जांच रिपोर्ट में लाखों रुपए के विकास कार्य में अनियमितता होने की बात लिखी है। इतना ही नहीं उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में सवाल खड़े किए हैं और एक ही ठेकेदार को लाभ दिलाने के लिए बार बार उसी को कार्यों का ठेका देने की बात लिखी है और सांठ गांठ का खुलासा किया है पर यह जांच आगे नहीं बढ़ी वही वहीं दबा दी गई । बड़ी बात यह है की लाखों का भ्रष्टाचार तब हुआ जब वर्तमान विधायक ओम मणि वर्मा नगर पंचायत अध्यक्ष हुआ करती थीं।

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोललाखों रुपए के भ्रष्टाचार का यह मामला जनपद के नरैनी नगर पंचायत का है जहां के कुछ ग्रामीणों ने हमारे स्थानीय रिपोर्टर से संपर्क किया और इस भ्रष्टाचार को उजागर करने का आग्रह किया और वह जांच रिपोर्ट दिखाई जिसमे नायब तहसीलदार ने तालाब, आरसीसी रोड, नाली, ऑक्सीजन पार्क और मुक्तिधाम निर्माण में अनियमित होने की बात लिखी है और इस रिपोर्ट में लाखों रुपए के भुगतान की बात भी लिखी है जिसके अनुरूप कार्य नही पाया गया। वहीं उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भी हेरा फेरी करने का खुलासा किया है।

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोलआपको बता दे की नरैनी नगर पंचायत द्वारा सन 2019 – 20 में कुछ विकास कार्य कराए थे जिसमे भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत प्रद्युम्न द्विवेदी नामक व्यक्ति ने की थी जिसकी जांच के लिए उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार को आदेशित किया था। जिसके तहत मुक्तिधाम निर्माण, गोधनी तलैया की खुदाई और सुंदरीकरण कार्य, ऑक्सीजन पार्क निर्माण और ट्रांसफार्मर से महेंद्र करवरिया के मकान तक बनाई गई सीसी रोड निर्माण की जांच की गई थी यह जांच सन 2021 में की गई थी।

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोलफिर हम ग्रामीणों के साथ उस तालाब के पास पहुंचे जिसका जिक्र नायब तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया है वह बिंदु नंबर 2 में गोधनी तलैया का जिक्र करते हुए लिखते हैं की इसके कार्य की टेंडरिंग ही संदिग्ध है क्योंकि प्रकाशन की जो छाया प्रति लगाई गई हैं उन्हे देखकर यह नहीं पता चल रहा की वह कौन से समाचार पत्र हैं इतना ही नहीं इस टेंडरिंग में तीन लोगों ने भाग लिया जिसमे दो पति पत्नी है यह जानते हुए भी टेंडर स्वीकार कर लिया गया और कपिल अवस्थी को मिल गया जो संदिग्ध है वहीं वह लिखते हैं की मिट्टी खुदाई और सुंदरीकरण में 2287585 रुपए का भुगतान किया गया जहां न ही मिट्टी की खुदाई पाई गई और न ही गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया गाय अब आप इस तालाब की तस्वीरे भी देख रहे है जिसका पानी जहरीला हो गया है और पूरा तालाब गंदगी से पटा हुआ है जहां विकास के नाम भ्रष्टाचार साफ देखा जा सकता वहीं ग्रामीण भी भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगा रहे हैं।

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोल फिर वही ग्रामीण हमे उस ऑक्सीजन पार्क के पास ले गए जिसका जिक्र नायब तहसीलदार अपनी जांच रिपोर्ट में कर रहे हैं वही बिंदु 3 में लिखते हैं की पार्क के लिए 2341500 रुपए का भुगतान किया गया जहां अनियमिता की गई है और गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं किया गया और यहां भी पति पत्नी ने अलग अलग टेंडर डाला जिन्हे स्वीकार भी कर लिया गया और टेंडर भी कपिल अवस्थी को ही मिला और प्रकाशन उन समाचार पत्रों में किया गया जिसकी कुछ प्रतियां ही जनपद में आती हैं। हैरान करने वाली बात यह है की देवी मंदिर स्थल को ही ऑक्सीजन पार्क घोषित कर दिया और छूट पुट कार्य करा कर पूरा पैसा डकार लिया गया। न ही बैठने के लिए कुछ बनाया गया न ही लाइटिंग की व्यवस्था की गई और न ही कोई फुलवारी और नए पौधे लगाए गए। पर लाखों रुपए निकाल लिए गए।

BANDA NEWS: बांदा में नायब तहसीलदार ने पांच बिंदु की जांच रिपोर्ट में खोली लाखों रुपए के भ्रष्टाचार की पोलभ्रष्टाचार की हदें तो तब पार हुईं जब हमारी नजर मुक्तिधाम में पड़ी जहां पहुंचकर मुर्दा भी डरकर भाग जाए। नायब तहसीलदार जांच रिपोर्ट के बिंदु नंबर 1 में लिखते हैं की मुक्तिधाम के विकास कार्य के लिए 2675414 रुपए का भुगतान किया गया जिसके सापेक्ष कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया न ही समर सबल लगा पाया गया न ही नल टोटी लगी पाई गई और यह टेंडर भी नियम विरुद्ध जाकर कपिल अवस्थी को दिया गया। वहीं जो हमारे कैमरे ने कैद किया वह हैरान कर देने वाला था । गुणवत्ता विहीन बनीं छत टूटी नजर आई मुक्तिधाम में गंदगी का अंबार लगा मिला वहां का शौचालय झाड़ियों में घिरा मिला न ही वहां कोई गार्ड मिला और न ही वहां कोई सफाई कर्मी मिला। ग्रामीणों ने बताया की सफाई कर्मी और गार्ड की नियुक्ति है लेकिन ड्यूटी में कोई नहीं आता उन्हे मुफ्त की सैलरी दी जा रही है। गार्ड रूम भी बुरी हालत में मिला ग्रामीणों का कहना है की यहां कार्य के नाम पर केवल भ्रष्टाचार किया गया है और लाखों रुपए का बंदर बांट किया गया है जांच में अनियमित पाए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

नगर पंचायत नरैनी द्वारा कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार यहीं नहीं थमा नायब तहसीलदार आगे लिखते है की ट्रांसफार्मर के पास से महेंद्र करवरिया तक की सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए 1387566 रुपए का भुगतान किया गाय। मेजरमेंट बुक के अनुसार 80 सेंटी मीटर चौड़ी नाली बनी हुई है लेकिन 80 सेंटी मीटर चौड़ी नाली बनी नही पाई गई वहीं जो सीसी रोड बनाई गई उसमे भी मेजरमेंट के अनुसार न ही मोरम डाली गई और न ही बोल्डर डाले गए यहां भी भरी अनियमित पाई गई। वही वहीं सबसे बड़ा खेल तो यह खेला गया की ये सभी टेंडर कपिल अवस्थी को ही मिले और ये पूरा भ्रष्टचार तब हुआ जब भाजपा की वर्तमान नरैनी विधायक ओममनी वर्मा उस समय भाजपा से नरैनी नगर पंचायत अध्यक्ष थी और ये पूरा भ्रष्टचार का खेल उनके कार्यकाल के दौरान हुआ लेकिन जैसे ही ये विधायक बनी वैसे ही जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया।

अब देखने वाली बात होगी की योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही जीरो टोलरेंसी की नीति कितनी कामयाब होती है या ऐसे ही भ्रष्टाचार होता रहेगा और जांच रिपोर्ट दबा दी जाएंगी।