उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पुलिस को गांजा तस्करी के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पांच तस्करों को 620 किलो गांजे के साथ पकड़ा है जिसकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। इनके पास से एक डीसीएम ट्रक और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। यह लोग उड़ीसा से बिहार व मध्यप्रदेश के रास्ते गांजा लेकर आते थे।
आपको बता दे की जनपद की एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग गिरवाँ थाना अंतर्गत ग्राम पतौरा मोड पर मादक पदार्थ लिए हुए हैं इसके बाद छापेमारी की गई जहां से पुलिस ने पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जो की गांजा एक डीसीएम ट्रक में लोड किए हुए थे और बोलेरो में सवार थे। पुलिस ने देखा कि डीसीएम ट्रक में यह लोग कुछ खाद की टंकी रखे हुए थे जिसमें ऊपरी हिस्से में तो खाद भरी हुई थी लेकिन निचले हिस्से में गांजा भरा हुआ था तस्करों का यह नायाब तरीका देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। इन टंकियों से पुलिस को 620 किलो सूखा गांजा मिला और पांच लोग मौके पर पकड़े गए। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि मुख्य अभियुक्त अरुण व मनीष उड़ीसा से बिहार व मध्य प्रदेश के रास्ते से अवैध सुखा गांजे की खेप लाते थे प्रदीप, नागेंद्र, नाथू यादव व उसका लड़का मंगल यादव द्वारा बांदा और आसपास के जनपदों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने इन पांच लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अभी मंगल यादव नाम का अभियुक्त फरार है जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया की बांदा के इतिहास में पहली बार गांजा तस्करी की इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है जिसकी कीमत लगभग 3 करोड रुपए है वही इन पकड़े गए आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है इसमें और भी जो लोग संलिप्त होंगे उन्हें भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा एसपी ने कहा यह पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है जिससे खुश होकर डीआईजी और उनके द्वारा खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।