बांदा की मरौली बालू खदान संख्या 5 लगभग तीन महीने से संचालित है जो शुरू से ही विवादों में घिरी है दो बार हुई बड़ी कार्रवाई के बाद भी यहां के बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है की अवैध खनन करने से बाज नहीं आ रहे कई बार इसी खदान से किसानों के अत्याचार के मामले भी सामने आए हैं। इसके बावजूद इस खदान में शक्ति का प्रदर्शन चल रहा है प्रतिबंधित पोक लैंड मशीनें नदी का सीना चीर रही हैं और राजस्व को भी भरी छाती पहुंचा रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह की डीएम द्वारा चौबीस घंटे के लिए लगाई गई निगरानी की टीम कुछ नहीं कर पा रही है और उनकी मौजूदगी में यह अवैध खनन हो रहा है। वहीं पथरी बालू खदान से भी अवैध खनन की कई खबरे सामने आई है वहां लगी टीम भी नदी की बरबादी का तमाशा देख रही है। पथरी खदान में हिस्ट्री सीटर की पार्टनर सिप की बात सामने आ रही है जो अवैध खनन का फूल खिला रहा है और अधिकारी इनके सामने नतमस्तक नजर आ रहे हैं या फिर बिके हुए कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
आपको बता दें की मटौन्ध थाना अंतर्गत मरौली बालू खदान खंड 5 से एक बार फिर आधा दर्जन से ज्यादा प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनें अवैध खनन करती नजर आई हैं। इस खदान में लगातार एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रहीं और मौत के गड्ढे खोदे जा रहे हैं वहीं इस अवैध खनन को रोकने के लिए विगत दिनों जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने एक टीम का गठन किया था जिनकी जिम्मेदारी 24 घंटे नजर रखने की थी की अवैध खनन और अवैध परिवहन न हो सके इसके बावजूद दर्जनों राक्षसनुमा मशीनें नदी का सीना चीर रही हैं और जलीय जीवों की हत्या को अंजाम दे रही हैं वहीं निगरानी टीम तमाशबीन बनी हुई है आपको बता दे इस टीम में स्थानीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और एक दरोगा की ड्यूटी लगाई गई थी पर इसका कोई फायदा नहीं हुआ मानो ये भी माफियाओं के आगे नतमस्तक होकर बैठे हैं।
यही हाल देहात कोतवाली अंतर्गत संचालित पथरी खदान का है जहां से विगत दिनों अवैध खनन की कई तस्वीरे सामने आई हैं पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई वही यहां भी डीएम की निगरानी टीम लगाई गई है पर कोई फायदा नही हुआ। बताया जा रहा है की इस खदान में एक हिस्ट्री सीटर फूल मिश्रा की पार्टनर सिप है जिस पर पहले प्रशासन ने अवैध खनन और गैंगस्टर की कार्रवाई की है जो कई महीने जेल में भी रहा है और इसके घर की कुड़की भी हो चुकी है।
अब देखने वाली बात होगी की दबंग जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल अवैध खनन पर एक बार फिर एक्सन लेंगी या राजस्व के चक्कर में सरकार को भारी राजस्व का चूना लगवाती रहेंगी और क्या उस निगरानी टीम पर कार्रवाई होगी जिनकी मौजूदगी में अवैध खनन हो रहा है।