कानपुर में नशा मुक्ति के लिए इनामी प्रतियोगिता का आयोजन
कानपुर, नशा मुक्ति, इनामी प्रतियोगिता, ज्योति बाबा: छोटे बच्चों को नशे के विभिन्न रूपों में देखते हुए हर भारतीय की आंखें नम हो जाती हैं। क्या यही बच्चे भारत को एक विकसित राष्ट्र बना पाएंगे? यही सवाल सोसाइटी योग ज्योति इंडिया और हिंदू जागरण मंच ने उठाया। नशा मुक्ति युवा भारत की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख, सोसाइटी योग ज्योति के राष्ट्रीय निदेशक योग गुरु ज्योति बाबा ने “नशा छोड़ो, एक करोड़ रुपए जीतो” प्रतियोगिता का पोस्टर जारी किया।
इनामी प्रतियोगिता का उद्देश्य
ज्योति बाबा ने बताया कि बच्चों को मीठी सुपारी, पान मसाला, और तंबाकू से लुभाने के लिए ₹5 से ₹100 के लकी कूपन का लालच दिया जाता है। इसीलिए, नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यह प्रतियोगिता लॉन्च की जा रही है। इसके पोस्टर हर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए जाएंगे और स्कूलों में प्रेयर के बाद बच्चों को नशा मुक्ति का संदेश भी दिया जाएगा। यह जागरूकता अभियान दो महीने तक विभिन्न स्कूलों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से चलाया जाएगा।
हिंदू जागरण मंच का सहयोग
हिंदू जागरण मंच के पीयूष मिश्रा ने कहा कि नशा मुक्ति के क्षेत्र में ज्योति बाबा द्वारा किए जा रहे प्रयासों को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति अभियान हर युवा का अभियान बनाना होगा, तभी हम एक ड्रग्स फ्री उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ पाएंगे। पीयूष मिश्रा ने चिंता जताई कि बच्चों में नशा तेजी से फैल रहा है, और इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
कोटपा लॉ 2003 का पालन
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विकास कुमार गौड़ ने कहा कि हर घर तिरंगा की तरह हर घर नशा मुक्ति का तिरंगा फहराया जाए। ज्योति बाबा ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नशा बेचना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। भारत सरकार ने कोटपा लॉ 2003 बनाया है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध है। हालांकि, इसका पालन कम ही होता है। इसलिए, संस्था का विशेष प्रयास होगा कि इस कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रेस वार्ता में अन्य प्रमुख व्यक्तियों में गोपाल द्विवेदी, हेमराज पहलवान, आनंद त्रिवेदी, पूर्व पार्षद सौरभ मिश्रा, अजीत खोटे, और सुभाष शुक्ला शामिल रहे।