कानपुर के वनखंडेश्वर मंदिर में दरोगा की आकस्मिक मौत
वनखंडेश्वर मंदिर में दरोगा की मौत: कानपुर – वनखंडेश्वर मंदिर में दर्शन करने आए उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के जांबाज दरोगा श्री पंकज राठी की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना के समय मंदिर परिसर में सुरक्षा में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत दरोगा को इलाज के लिए हैलट अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस मीडिया सेल ने दी जानकारी
कानपुर पुलिस कमिश्नर के मीडिया सेल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि मृत दरोगा का नाम श्री पंकज राठी (पुत्र श्री रघुवीर सिंह) था। वह ग्राम तवीबपुर ठुंडली, थाना चांदपुर, पोस्ट आजमपुर, जिला बिजनौर के निवासी थे। हाल ही में, 11 मार्च 2024 को उनका स्थानांतरण थाना अरमापुर में हुआ था, लेकिन 24 जून 2024 से वह गैरहाजिर चल रहे थे।
दर्शन के लिए निकले थे घर से
उप निरीक्षक श्री पंकज राठी थाना सीसामऊ के बैरिक में निवास कर रहे थे। 12 अगस्त 2024 को वह वनखंडेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे, लेकिन शाम 7:00 बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत हैलट अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना की जानकारी विभाग द्वारा परिजनों को दी गई। मृत दरोगा के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान भेजा गया, जहाँ आला अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है