भारत बंद पर मायावती और अखिलेश का बयान: भारत बंद को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जहां एक तरफ दलित संगठनों के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने खुलकर अपना समर्थन दिया है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संविधान के साथ खिलवाड़ करना सही बात नहीं है।
सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए अपने बयान में कहा कि आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। यह शोषित-वंचित समाज के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के खिलाफ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है।
सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसे लागू करने वालों की मंशा सही होगी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि जब सत्तासीन सरकारें धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और उससे मिले अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी, तो जनता का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक होगा। उन्होंने कहा कि जन-आंदोलन बेलगाम सरकारों पर लगाम लगाने का एक सशक्त माध्यम हैं।