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डिफेंस कॉरिडोर को जमीन नहीं देंगें किसान,बुलाई पंचायत

कानपुर:भीतरगांव (साढ़) स्थित डिफेंस कॉरिडोर के विस्तार के लिए यूपीडा (यूपी एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण) द्वारा तीन गांवों के लगभग 777 किसानों की 186.47 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी की जा रही है। इस खबर के सामने आते ही गोपालपुर, दौलतपुर, और मोहीपुर गांवों के किसानों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन गांवों के लगभग आधे किसानों की पूरी जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है। इससे वे भूमिहीन हो जाएंगे और उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ गोपालपुर में पंचायत में मौजूद किसान।

इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आज तीनों गांवों के करीब 500 किसान गोपालपुर गांव स्थित मिलन केंद्र पर एकत्रित हुए। बैठक में सभी किसानों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि वे किसी भी सूरत में अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों ने अपनी आपत्तियों को लिखित रूप में जिला अधिकारी के माध्यम से शासन तक पहुँचाने का फैसला किया है, जिसके लिए दो दिन के भीतर सभी किसान अपनी शिकायत दर्ज करेंगे।

किसानों का आरोप है कि इस बार जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि पिछली बार खुली बैठक बुलाकर उन्हें सूचित किया गया था। बैठक में मौजूद चंद्र प्रकाश शुक्ला,पूर्व प्रधान दिनेश यादव, लाल सिंह यादव, राकेश प्रताप सिंह, कमलेश कुमार,अनिल दुबे, छोटे लाल, गंगाराम, और मौजीलाल आदि किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पूरी जमीन चली जाएगी, जिससे वे भूमिहीन हो जाएंगे और उनके जीवन-यापन का संकट खड़ा हो जाएगा।किसानों ने साफ तौर पर कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे और शासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे। भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का एक बड़ा आंदोलन जल्द ही खड़ा हो सकता है।