3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

अंबेडकर जयंती पर यूपी में भयंकर बवाल: भीड़ ने DSP, तहसीलदार सहित पुलिस की कई गाड़ियां तोड़ दी, लगाई आग..
Fuel Price India: पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है? कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन..

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: PM Modi और Donald Trump के बीच 40 मिनट बातचीत, बोले—“भारत के लोग आपको..”

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

3

Recent News

पीलीभीत में प्रकृति का पुनर्जागरण: कटना नदी पुनरुद्धार से बदलेगी तस्वीर, जल–जीवन–जमीन को लेकर बड़ा कदम पीलीभीत जनपद में आज…

ग्रेटर नोएडा में श्रमिक आंदोलन पर बड़ा खुलासा: सरकार सख्त, जायज़ मांगों पर विचार, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने की…

Fuel Price India: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रह सकती। विदेशी…

Breaking News: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन…

Breaking News

2.45 लाख कर्मचारियों का वेतन रुका, संपत्ति विवरण न देने पर कार्रवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2 लाख 45 हजार राज्य कर्मचारियों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया है। यह कदम सरकार द्वारा चल और अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा 31 अगस्त 2024 तक न देने के कारण उठाया गया है। जबकि IAS और PCS अधिकारियों को वेतन जारी कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने अपनी संपत्ति का विवरण SPARROW पोर्टल पर दर्ज कर दिया था।

प्रदेश के मुख्य सचिव ने सभी कर्मचारियों को 31 अगस्त तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देने के निर्देश दिए थे। उत्तर प्रदेश में कुल 8 लाख 46 हजार 640 राज्य कर्मचारी हैं, जिनमें से केवल 6 लाख 2 हजार 75 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा समय पर जमा किया।

इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन जारी होने के लिए सभी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने की अनिवार्यता है। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।