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Mahakumbh 2025: देवी-देवताओं के नाम पर होंगे पुलिस थाने और चौकियां, जानें योगी पुलिस की व्यवस्था

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के लिए बस रहे कुंभ नगर में बनने वाले थानों के नाम देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और महापुरुषों के नाम पर रखे जाएंगे। यह पहल सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की महत्ता को उजागर करने के उद्देश्य से की गई है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को धार्मिक माहौल का अनुभव कराने के लिए पुलिस थानों और चौकियों का वातावरण भी पूरी तरह से सनातन संस्कृति की झलक देगा।

अस्थाई थानों में होगा केस दर्ज

महाकुंभ के लिए मेला क्षेत्र में 56 अस्थाई थाने और 155 पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। इन थानों में किसी भी प्रकार का अपराध होने पर केस दर्ज किया जाएगा और उसकी विवेचना की जाएगी।

  • अस्थाई व्यवस्था:
    मेला समाप्त होने के बाद थानों में दर्ज पुलिस केस स्थाई थानों में शिफ्ट कर दिए जाएंगे।
  • पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण:
    स्नानार्थियों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ सादगी और सम्मान से पेश आने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मेला क्षेत्र में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता

महाकुंभ मेला क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

  • महिला थाना: तीन महिला थाने बनाए जाएंगे।
  • मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू): तीन एएचटीयू इकाइयां सक्रिय रहेंगी।
  • साइबर थाना: एक साइबर थाना भी स्थापित किया जाएगा।
  • जल पुलिस: तीन जल पुलिस इकाइयां नदी क्षेत्रों की निगरानी करेंगी।

महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिनमें लाखों महिला पर्यटक और स्नानार्थी शामिल होंगी। महिला सुरक्षा के लिए इन थानों की अहम भूमिका होगी।

थानों के नामों की सूची

महाकुंभ में बनाए जाने वाले थानों और चौकियों के नाम सनातन संस्कृति की महिमा को समर्पित होंगे।

  • देवी-देवताओं और धार्मिक स्थलों के नाम पर:
    सुजावनवीर, सोमेश्वर महादेव, गंगेश्वर महादेव, नागेश्वर महादेव, कोटेश्वर महादेव।
  • महापुरुषों और ऋषियों के नाम पर:
    भरद्वाज, महामना मालवीय पार्क।
  • धार्मिक स्थलों और परंपराओं के नाम पर:
    अक्षयवट, साधुकुटी, पुरंदर आश्रम, समयामाई मंदिर।
  • अन्य महत्वपूर्ण नाम:
    मुखर्जी सेतु, वैदिक टेंट सिटी, नागवासुकी, रामजानकी, संस्कृति ग्राम।

स्थानीय प्रशासन की तैयारी

स्थानीय प्रशासन ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है।

  • धार्मिक समरसता का अनुभव:
    पुलिस थानों और चौकियों का परिसर धार्मिक समरसता से भरपूर होगा।
  • संस्कृति और सुरक्षा का मिश्रण:
    इस योजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि उन्हें सनातन संस्कृति का भी गहरा अनुभव कराना है।

महाकुंभ 2025 की दिशा में एक बड़ा कदम

महाकुंभ 2025 के लिए यह योजना प्रयागराज की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने का एक अनोखा प्रयास है। प्रशासन का यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि सनातन संस्कृति की महत्ता को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।