
नरैनी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुर्रा में स्थित गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा का मामला सामने आया है। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति के जिला प्रवक्ता उमेश तिवारी अपनी टीम के साथ गौशाला पहुंचे और पाया कि गोवंशों को कई दिनों से भोजन नहीं दिया गया है। गोवंश तिनका तिनका बीनकर अपना भोजन स्वयं भरण पोषण कर रहे हैं।
गौशाला में पानी पीने वाली चरहि में कीड़े पड़ चुके हैं और पीने योग्य पानी नहीं है। रखा हुआ भूसा पूर्ण रूप से सड़ चुका है। यह घटना गौशाला प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है। गौ रक्षा समिति ने जिले के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए सरकार का हवाला दे रहे हैं। यह मामला गोवंशों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और करुणा की कमी को दर्शाता है। उमेश तिवारी द्वारा जब इस प्रकरण की जानकारी फोन के द्वारा खंड विकास अधिकारी नरैनी प्रमोद कुमार को दी गई तो कहा गया कि मेरे पास यही काम नहीं है कि गौ शाला देखता रहूं। आप ही गौ शाला चला लो। यह जवाब एक जिम्मेदार खण्ड विकास अधिकारी के है। यदि इस तरह का जवाब जिम्मेदार अधिकारी दे सकते हैं तो ग्राम प्रधान और सचिव क्यों गौ शाला में ध्यान दें क्यों कि सभी कार्य इन जिम्मेदार अधिकारी के अधीन ही किया जाता है। ऐसे में प्रतीत होता है कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी गौ वंश के चाहे जितना प्रयास करें। ऐसे अधिकारीयों की मंशा के आगे सब फेल हो जाएंगे और सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। वहीं उन्होंने बताया की अतर्रा उपजिलाधिकारी को फोन किया गया तो फोन नहीं उठा ।
अब देखना यह है कि क्या इस खबर के द्वारा उच्चाधिकारी इन बेजुबान गौ वंश के कर रहे अत्याचारियो पर कार्यवाही करते हैं या फिर आपसी तालमेल बनाकर रफा दफा किया जाता है।