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750 करोड़ की साइबर ठगी, चार्टर्ड अकाउंटेंट IGI से गिरफ्तार

750 करोड़ की साइबर ठगी, चार्टर्ड अकाउंटेंट निकला चीनी साइबर ठगों का सरगना! STF ने IGI एयरपोर्ट से दबोचा

देशभर के मोबाइल में बैठे जालसाजों का भांडा फूटा, 750 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली एयरपोर्ट से हुई गिरफ्तारी, सामने आई अंतरराष्ट्रीय ठगी की साजिश

उत्तराखंड STF ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के सबसे शातिर मास्टरमाइंडों में से एक, अभिषेक अग्रवाल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। अभिषेक पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है, लेकिन उसने अपनी काबिलियत को ईमानदारी की बजाय जालसाजी और साइबर ठगी में झोंक दिया। उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज थीं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।

750 करोड़ की धोखाधड़ी, ऐप के जाल में फंसाए लाखों लोग

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अभिषेक ने 2019-20 में चीनी नागरिकों के साथ मिलकर नकली लोन ऐप्स का जाल बिछाया। ‘Inst Loan’, ‘KK Cash’, ‘RupeeGo’, और ‘Lendkar’ जैसे ऐप्स के जरिए लोगों को त्वरित लोन का लालच दिया गया। ऐप डाउनलोड करते ही यूजर्स से फोन की गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और अन्य निजी डेटा का एक्सेस ले लिया जाता था। बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था – अश्लील फोटो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।

फर्जी कंपनियों का जाल: खुद के नाम 13, पत्नी के नाम 28 कंपनियां

STF की रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक अग्रवाल ने भारत में 35 से 40 शेल कंपनियां खड़ी कीं, जिनमें से 13 उनके खुद के नाम पर और 28 उनकी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड थीं। इन कंपनियों में कई चीनी नागरिक सह-निदेशक थे। इनके बैंक खातों से करोड़ों रुपये की संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है, जो कि सीधे चीनी बैंकों और संदिग्ध इंटरनेशनल खातों में ट्रांसफर किए गए।

750 करोड़ की साइबर ठगी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न का संगठित नेटवर्क

गिरोह केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी लोगों को परेशान करता था। पीड़ितों को कॉल कर धमकाया जाता था कि उनके अश्लील फोटो वायरल कर दिए जाएंगे। डर के मारे कई लोग बार-बार पैसे भेजते रहे। कई लोगों ने आत्महत्या तक की कोशिश की। यह साइबर अपराध एक तरह से डिजिटल आतंक बन चुका था।

750 करोड़ की साइबर ठगी, चीनी मास्टरमाइंड भी STF की रडार पर

अब तक की जांच में STF को 5 चीनी नागरिकों के नाम भी मिले हैं, जिनकी संलिप्तता इस गिरोह में पाई गई है –
Difan Wang, Zhenbo He, Miao Zhang, Yongguang Kuang और Wenxue Li
इनके खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी कराने की तैयारी की जा रही है और भारत सरकार से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

पहले से गिरफ्तार ‘अंकुर ढींगरा’ से कनेक्शन भी उजागर

इस ठगी कांड में पहले से गिरफ्तार आरोपी अंकुर ढींगरा से भी अभिषेक अग्रवाल के संबंध सामने आए हैं। यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और अलग-अलग तरीकों से भोले-भाले लोगों को फंसाया जा रहा था।

STF की चेतावनी: नकली लोन ऐप से बचें, सतर्क रहें

उत्तराखंड STF ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गूगल प्ले स्टोर या किसी लिंक के जरिए किसी भी अनजान लोन ऐप को डाउनलोड न करें। किसी भी लोन ऐप को इस्तेमाल करने से पहले उसकी वैधता और RBI रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें।

यह केवल ठगी नहीं, डिजिटल भारत पर हमला है!

यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल सुरक्षा, साइबर व्यवस्था और सामाजिक मानसिकता पर हमला है। ऐसे संगठित नेटवर्क को खत्म करने के लिए जनता की सतर्कता और प्रशासन की सख्ती दोनों जरूरी हैं।

ATS action conversion,100 करोड़ का धर्मांतरण रैकेट ध्वस्त!