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हिंदू संगठनों ने हाईवे पर लगाया जाम, कॉलोनाइजर पर गंभीर आरोप

पीलीभीत: नागेश्वरनाथ मंदिर के रास्ते पर विवाद गहराया: प्रशासनिक मौन से भड़का आक्रोश, चेतावनी-रास्ता नहीं खुला तो उग्र होगा आंदोलन

हिंदू संगठनों ने हाईवे पर लगाया जाम, मामला कहां से शुरू हुआ? – ए टू जेड कॉलोनी से उठी चिंगारी

पीलीभीत शहर की ए टू जेड कॉलोनी में स्थित प्राचीन बाबा नागेश्वरनाथ धाम अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है। सोमवार को जैसे ही कॉलोनी के रास्ते को अवरुद्ध करने की खबर फैली, हिंदू संगठनों का गुस्सा सड़कों पर उमड़ पड़ा।
हाईवे पर जाम लग गया, लोग नारेबाजी करने लगे और पुलिस-प्रशासन को मौके पर बुलाया गया।

हिंदू संगठनों ने हाईवे पर लगाया जाम,  ट्रांसफार्मर बना विवाद की जड़

आरोप है कि ए टू जेड इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मंदिर के मुख्य रास्ते पर जानबूझकर ट्रांसफार्मर लगवा दिया, जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ समय पहले इसी कॉलोनी में एक मजार को भी रातोंरात शिफ्ट किया गया था, जिससे लोगों में पहले से ही असंतोष था।

  हाईवे पर दो घंटे तक जाम, पहुंचा प्रशासन

विवाद के बाद पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए CO सिटी दीपक चतुर्वेदी, सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर और SDM श्रद्धा सिंह मौके पर पहुंचे।
प्रशासन की अपील के बावजूद प्रदर्शनकारी “मंदिर का रास्ता खोलो” के नारे लगाते रहे और अपनी मांगों से टस से मस नहीं हुए।

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 “प्रशासन कॉलोनाइजर के दबाव में काम कर रहा है” – यशवंत सिंह का आरोप

हिंदू संगठनों ने हाईवे पर लगाया जाम,  हिंदू संगठन के प्रतिनिधि यशवंत सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,

“यह कोई साधारण मामला नहीं है। इस कॉलोनी में पहले भी एक मंदिर और मजार नष्ट किए जा चुके हैं। अब फिर से मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अगर जल्द रास्ता नहीं खुला तो आंदोलन और बड़ा होगा।”

 धार्मिक स्थलों की रक्षा या राजनीति?

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है –
क्या कॉलोनाइज़र अपनी मर्जी से धार्मिक स्थलों की भूमि को बाधित कर सकते हैं?
क्या प्रशासन की भूमिका सिर्फ समझौते करवाने तक सीमित रह गई है?
स्थानीय लोग अब यह भी पूछ रहे हैं कि –
आख़िर धार्मिक आस्था के साथ ऐसे खिलवाड़ की इजाज़त किसने दी?

हिंदू संगठनों ने हाईवे पर लगाया जाम, आगे क्या?

हिंदू संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बाबा नागेश्वरनाथ धाम का रास्ता शीघ्र नहीं खुलवाया गया, तो वह जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

पीलीभीत में धर्म और विकास के टकराव ने एक बार फिर उबाल पकड़ लिया है। एक तरफ लोगों की आस्था है, दूसरी तरफ कॉलोनाइज़ेशन की आक्रामक चालें।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन निष्पक्ष निर्णय लेता है या जनविरोध की चिंगारी किसी बड़े आंदोलन में बदल जाती है।

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