3

Recent News

Captain Smit Machhar पर हमला करने वाला को-पायलट हमाम अल-हमामी कौन? कट्टरपंथी सोंच के चलते निकाला गया था..

Captain Smit Machhar: इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला करने…

PM Modi and Pilot Smit Machhar ने 9 मिनट तक की वीडियो कॉल, बोले- "हनुमान चालीसा पढ़कर बचाई लोगों की जान"

Pilot Smit Machhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो…

Pilibhit में खून का बदला खून! 20 साल पहले हुई पिता की हत्या का बदला; बांका से हमला कर उतारा मौत के घाट..

Pilibhit के पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में मंगलवार सुबह करीब 50 वर्षीय वेदराम की बांका से हमला कर…

Crime News: यूपी में सरकारी प्रिंसिपल और पत्नी की स्कूल परिसर में सनसनीखेज हत्या, फावड़ा-कुल्हाड़ी से काट डाला..

Crime News: सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके में सरकारी शिक्षक और ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता…

Pilibhit Accident: पीलीभीत में ट्रक और गौरक्षक दल लिखी कार की भयंकर टक्कर, मां-बेटा-बहू समेत 3 की मौत..

Pilibhit Accident: पीलीभीत के पूरनपुर में सोमवार को NH-730 हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। पिपरिया दुलई मोड़ के…

3

Recent News

Captain Smit Machhar: इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला करने…

Pilot Smit Machhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो…

Pilibhit के पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में मंगलवार सुबह करीब 50 वर्षीय वेदराम की बांका से हमला कर…

Crime News: सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके में सरकारी शिक्षक और ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता…

Pilibhit Accident: पीलीभीत के पूरनपुर में सोमवार को NH-730 हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। पिपरिया दुलई मोड़ के…

Breaking News

अदालत ने ट्रंप के नागरिकता आदेश पर लगाई रोक, पढ़िए पूरी ख़बर

जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने के ट्रंप आदेश पर अदालत की रोक, जानिए क्यों अहम है यह फ़ैसला?”

अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को खत्म करने की कोशिश पर अब अदालत ने अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। यह मामला अमेरिका के संविधान, खासकर 14वें संशोधन, और लाखों अप्रवासी परिवारों से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं कि ट्रंप का आदेश क्या था, इससे किसे नुकसान हो सकता था, और अदालत ने अब तक क्या कहा है।

 ट्रंप का आदेश क्या था?

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया था, जिसके तहत अमेरिका में पैदा होने वाले उन बच्चों को नागरिकता नहीं दी जाती, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं हैं या जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं।

इस आदेश का उद्देश्य, ट्रंप के अनुसार, “anchor babies” की प्रवृत्ति को रोकना था — यानी अमेरिका में केवल इस वजह से बच्चे पैदा करना ताकि उन्हें नागरिकता मिल सके।

 आदेश से कौन-कौन और कैसे प्रभावित हो सकते थे?

इस आदेश का सबसे बड़ा असर उन अप्रवासी माता-पिता के बच्चों पर पड़ता जो:

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं,

या जिनके पास नागरिकता नहीं है लेकिन बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं।

लाशों का सौदागर डॉक्टर? अब क्या मीडिया मैनेज का खेला ?

कल्पनिक उदाहरण:

कल्पना कीजिए कि एक दंपत्ति मैक्सिको से बिना वैध वीज़ा के अमेरिका आया और वहाँ उनके एक बच्चे का जन्म हुआ। मौजूदा कानूनों के तहत वह बच्चा अमेरिकी नागरिक बनता है। लेकिन ट्रंप के आदेश के तहत उसकी नागरिकता रद्द मानी जाती।

याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?

अमेरिकी सिविल लिबर्टीज़ यूनियन (ACLU) और अन्य मानवाधिकार संगठनों ने इस आदेश के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की।
उन्होंने कहा कि यह आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का सीधा उल्लंघन है, जो अमेरिका में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को नागरिकता प्रदान करता है — चाहे माता-पिता की स्थिति जो भी हो।

 किस अदालत ने रोक लगाई और क्या कहा?

न्यू हैम्पशायर की संघीय अदालत के न्यायाधीश जज जोसेफ लैप्लांटे ने इस आदेश पर राष्ट्रीय स्तर पर अस्थायी रोक (nationwide stay) लगाई।

उन्होंने कहा कि यह आदेश “अपरिवर्तनीय नुकसान” (irreparable harm) पहुंचा सकता है और हजारों बच्चों की नागरिकता की स्थिति को अनिश्चित बना सकता है।

हालांकि, अदालत ने इस रोक पर 7 दिनों की मोहलत भी दी है ताकि ट्रंप प्रशासन इस पर अपील कर सके।

इस फैसले के क्या मायने हैं?

यह रोक भले ही अस्थायी हो, लेकिन यह संविधान और मानवाधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह निर्णय यह भी स्थापित करता है कि executive order संविधान के खिलाफ नहीं हो सकता।

अब ट्रंप प्रशासन के पास क्या रास्ते हैं?

Appeal in Higher Court: ट्रंप प्रशासन इस फैसले के खिलाफ अपील कोर्ट में जा सकता है।

Supreme Court तक मामला पहुंच सकता है अगर वहां से भी राहत न मिले।

Political Route: यदि ट्रंप फिर से राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो वे फिर से इस तरह का आदेश दे सकते हैं — लेकिन तब भी उसे संवैधानिक न्यायालयों की कसौटी पर खरा उतरना पड़ेगा।

यह मामला सिर्फ एक कार्यकारी आदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाता है कि क्या किसी भी देश का प्रमुख संविधान के स्पष्ट प्रावधानों को बदल सकता है। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता केवल कागज़ी नीति नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है — और अदालत का यह रुख उस अधिकार की रक्षा की दिशा में एक साहसिक कदम माना जा रहा है।

टेनिस स्टार राधिका यादव की हत्या: पिता ने ही सीने में उतार दी गोलियां, खौफ में पूरा गुरुग्राम!