आगरा में धर्मांतरण का केरल स्टोरी कनेक्शन! संगठित गैंग का भंडाफोड़ – 10 आरोपी गिरफ्तार, 10 दिन की पुलिस रिमांड, बहनों की ज़िंदगी तबाह
अजय देव वर्मा, राकेट पोस्ट लाइव
आगरा में एक संगठित धर्मांतरण गिरोह का ऐसा काला खेल उजागर हुआ है जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। पुलिस ने इस गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां लंबी बहस के बाद कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में ऐसे भयावह खुलासे होने वाले हैं, जो न केवल आगरा बल्कि पूरे देश में धर्मांतरण के गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकते हैं।
केरल स्टोरी जैसी साजिश – दो बहनों की ज़िंदगी से खिलवाड़
यह मामला बिल्कुल ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म की तरह है, जहां सुनियोजित तरीके से आगरा की दो सगी बहनों को निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि बहनों को पहले जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ले जाया गया, जहां उनका ब्रेनवॉश और मानसिक शोषण किया गया।
परिवार के मुताबिक, जब बड़ी बहन को किसी घटना के बाद वापस आगरा लाया गया, तो उसके व्यवहार में खतरनाक बदलाव दिखाई दिए। उसने हिंदू धार्मिक गतिविधियों का विरोध शुरू कर दिया और अपनी छोटी बहन को भी इस साजिश में धकेल दिया।
मार्च 2025 की गुमशुदगी – परिजनों की दहशत में डूबी रातें
मार्च 2025 में दोनों बहनें अचानक घर से गायब हो गईं। घबराए परिवार ने तुरंत थाना सदर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई – दोनों को एक संगठित धर्मांतरण माफिया ने बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा लिया।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई राज्यों तक फैले हैं, और यह नेटवर्क लंबे समय से भोली-भाली लड़कियों को फंसाकर उनका धर्मांतरण करा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की लिस्ट – धर्मांतरण माफिया का काला चेहरा बेनकाब
पुलिस ने इस संगठित धर्मांतरण गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य सरगना फैजान अली, शब्बीर खान, नसीमुद्दीन, जावेद, रिजवान, हसीन अहमद, शाहिद मंसूरी, फिरदौस बानो (महिला आरोपी), अयूब और फहीम शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फैजान अली और शब्बीर खान इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं, जो देशभर में धर्मांतरण का जाल फैलाने के लिए विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल करते थे। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और ATS अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
पूरे नेटवर्क की तलाश – ATS और खुफिया एजेंसियां सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। पुलिस लगातार दबिश दे रही है, ताकि इस गैंग के बाकी मास्टरमाइंड्स को पकड़ा जा सके। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में विदेशी फंडिंग, बड़े संगठनों की संलिप्तता और कई नेताओं के कनेक्शन जैसे चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
अधिकारियों के बयान – सख्त कार्रवाई की तैयारी
संजीव कुमार यादव, सहायक अभियोजन अधिकारी, ने बताया, “यह बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड दी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में पूरा नेटवर्क उजागर होगा। आरोपियों से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है।”
ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का गुस्सा – सड़कों पर विरोध की तैयारी
धर्मांतरण की इस घटना ने आगरा और आसपास के जिलों में गुस्से की लहर फैला दी है। हिंदू संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि पूरे गैंग को सार्वजनिक रूप से बेनकाब कर कठोर कार्रवाई की जाए, वरना आंदोलन होगा।