3

Recent News

पीलीभीत में उधार सिगरेट को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदला। बेलचे से हमले में 70 वर्षीय दुकानदार की मौत, पिता-पुत्र समेत 3 आरोपी गिरफ्तार।

पीलीभीत: उधार सिगरेट नहीं मिली तो भड़क गया युवक! बेलचा लेकर लौटा, 70 वर्षीय दुकानदार पर हमला; इलाज के दौरान…

Pakistani TikToker आयशा गिलमाना की गोली मारकर हत्या: बहन भी गंभीर घायल, घर से फोन करके बाहर बुलाया..

Pakistani TikToker आयशा गिलमाना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 28 साल की आयशा को 14 अगस्त को तक्षशिला…

Shocking Crime: स्कूल में फायरिंग! FB Live कर छात्र ने क्लासमेट को गोली मारी, फिर खुद जान दी; 2 गार्डों की भी मौत..

Shocking Crime: फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल कैंपस में गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया।…

Pilibhit में प्रेमिका का खूनी खेल! प्रेमी को ट्रक में जिंदा जलाकर मार डाला; पुलिस को लगा था हादसे के बाद लगी थी आग..

Pilibhit के पूरनपुर में ट्रक में आग लगने से हुई एक व्यक्ति की मौत का मामला हत्या निकला है। पुलिस…

पीलीभीत के जहानाबाद में नाबालिग छात्रा से अभद्रता के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। थाने पहुंचते ही निकली हेकड़ी।

पुलिस का चला हंटर, निकली मनचले की हेकड़ी! बाइक पर दिखा रहा था आशिकी का स्टंट, थाने पहुंचते ही हाथ…

3

Recent News

पीलीभीत: उधार सिगरेट नहीं मिली तो भड़क गया युवक! बेलचा लेकर लौटा, 70 वर्षीय दुकानदार पर हमला; इलाज के दौरान…

Pakistani TikToker आयशा गिलमाना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 28 साल की आयशा को 14 अगस्त को तक्षशिला…

Shocking Crime: फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल कैंपस में गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया।…

Pilibhit के पूरनपुर में ट्रक में आग लगने से हुई एक व्यक्ति की मौत का मामला हत्या निकला है। पुलिस…

पुलिस का चला हंटर, निकली मनचले की हेकड़ी! बाइक पर दिखा रहा था आशिकी का स्टंट, थाने पहुंचते ही हाथ…

Breaking News

खून से लाल हुआ हाईवे: कांवड़ियों की बिखरी लाशें, कब थमेगा रफ्तार का कहर?

अमरोहा में डाक कांवड़ियों पर कहर: NH‑9 पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से भयानक टक्कर, दो युवकों की मौके पर मौत, एक साथी जिंदगी और मौत से जूझ रहा

खून से लाल हुआ हाईवे: कांवड़ यात्रा का सफर बना मातम, रात के सन्नाटे में मची चीख-पुकार

अमरोहा जिले के गजरौला क्षेत्र में नेशनल हाईवे‑9 पर सोमवार देर रात ऐसा दिल दहला देने वाला हादसा हुआ जिसने कांवड़ यात्रा की खुशियां मातम में बदल दीं। संभल जनपद के थाना हजरतनगर गड़ी के गाँव फतेहउल्लापुर के तीन कांवड़िए, गंगा जल लेने ब्रजघाट जा रहे थे। डाक कांवड़ का सफर करते हुए रात लगभग 10:15 बजे उनकी बाइक अनियंत्रित होकर तेज रफ्तार से सामने आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा साथी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

खून से लाल हुआ हाईवे: मृतक युवकों की पहचान, टूटे परिवारों का विलाप

हादसे में जान गंवाने वाले कांवड़ियों की पहचान 21 वर्षीय नितिन ठाकुर और 22 वर्षीय अनुज श्रीवास्तव के रूप में हुई है। दोनों ही संभल जिले के फतेहउल्लापुर गाँव के निवासी थे। उनके साथ बाइक पर सवार तीसरा साथी, अनिकेत, गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे प्राथमिक इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
परिवारों में कोहराम मचा है। माता-पिता और रिश्तेदार फूट-फूटकर रो रहे हैं। कांवड़ यात्रा पर निकले युवा, जो घर लौटकर सावन के जलाभिषेक की खुशियां मनाने वाले थे, अब ताबूत में लौट रहे हैं।

हादसे की वजह: तेज रफ्तार और अंधेरे में दौड़ता ‘मौत का ट्रैक्टर’

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की सबसे बड़ी वजह सड़क पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी रही। बताया जा रहा है कि बाइक सवार तीनों कांवड़िए तेज रफ्तार में एक ही बाइक पर सवार थे। इसी दौरान सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर केवल एक ही हेडलाइट जल रही थी, जिसकी वजह से रात के अंधेरे में ट्रॉली का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया।
ट्रॉली पर डीजे की कानफाड़ू आवाज गूंज रही थी और चालक गानों की धुन में सड़क पर लापरवाह तरीके से दौड़ा रहा था। अचानक सामने आई बाइक से बचने का मौका न मिल सका और पल भर में चीख-पुकार के बीच दो जिंदगियां बुझ गईं।

खून से लाल हुआ हाईवे: हादसे के बाद अफरा-तफरी, ट्रैक्टर चालक फरार

टक्कर के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन इससे पहले ही ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा में डीजे और बिना रोशनी के दौड़ते ऐसे ट्रैक्टर ‘चलते-फिरते मौत’ बन चुके हैं।

कांवड़ यात्रा में सुरक्षा पर उठे सवाल, प्रशासन पर गुस्सा

इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। सावन मास में हजारों कांवड़िए सड़कों पर होते हैं, फिर भी न तो सख्त ट्रैफिक मॉनिटरिंग होती है और न ही हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस महज दिखावे के चेकिंग अभियान चलाती है, लेकिन असल में डीजे बजाते, बिना लाइट के दौड़ते ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे पर बेखौफ घूमते रहते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ट्रैक्टर चालक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

क्या कांवड़ियों की जान यूं ही जोखिम में पड़ती रहेगी?

हर साल सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान कई मासूम जानें लापरवाही और रफ्तार की भेंट चढ़ जाती हैं। सवाल उठता है कि प्रशासन कब तक ऐसी घटनाओं को केवल आंकड़ों तक सीमित रखेगा? क्या कांवड़ियों की सुरक्षा के नाम पर केवल नारेबाजी होती रहेगी या सचमुच सख्त नियम लागू होंगे?