गाजियाबाद में चल रहा फर्जी “वेस्ट आर्कटिक दूतावास” ध्वस्त – करोड़ों की ठगी, हवाला रैकेट और इंटरनेशनल गैंग के तार!
गाजियाबाद में 22 जुलाई 2025 को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक ऐसा भंडाफोड़ किया, जिसने पूरे एनसीआर को हिलाकर रख दिया। कविनगर के पॉश इलाके केबी-45 स्थित एक किराए के मकान में हर्ष वर्धन जैन नामक शातिर ने “वेस्ट आर्कटिक दूतावास” के नाम से अवैध दूतावास खड़ा कर रखा था। वह खुद को न सिर्फ West Arctica, Saborga, Poulvia, Lodonia जैसे “माइक्रोनेशन” (स्वघोषित देशों) का कॉन्सुल और एम्बेसडर बताता था, बल्कि लोगों को गुमराह करने के लिए डिप्लोमैटिक गाड़ियों के काफिले और फर्जी पासपोर्ट तक का जाल बिछा रखा था।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि हर्ष वर्धन जैन, जो दिखने में एक कारोबारी की तरह रहता था, असल में विदेश में नौकरी दिलाने, शेल कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाने और फर्जी दस्तावेजों से लोगों को ठगने का धंधा कर रहा था। उसके तार न सिर्फ देश, बल्कि इंटरनेशनल नेटवर्क तक फैले हुए हैं।
गाजियाबाद में ‘फर्जी वेस्ट आर्कटिक दूतावास’ का पर्दाफाश: फर्जी डिप्लोमैटिक तामझाम – लोगों को प्रभाव में लेने के लिए राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के साथ मॉर्फ फोटो
हर्ष वर्धन के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेज चौंकाने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, उसके पास 12 माइक्रोनेशन देशों के डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट, चार डिप्लोमैटिक गाड़ियां, 34 विदेशी कंपनियों और देशों की मोहरें, 2 फर्जी प्रेस कार्ड और विदेश मंत्रालय की मोहर लगे कूटरचित दस्तावेज मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि हर्ष वर्धन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ अपनी “मॉर्फ की हुई तस्वीरों” का इस्तेमाल करता था, ताकि लोगों को विश्वास दिला सके कि वह बड़े स्तर का कूटनीतिक अधिकारी है। इसी जालसाजी के दम पर उसने कई कंपनियों और व्यक्तियों को विदेशों में निवेश और नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी कर डाली।
गाजियाबाद में ‘फर्जी वेस्ट आर्कटिक दूतावास’ का पर्दाफाश: करोड़ों की नगदी, विदेशी करेंसी और हवाला रैकेट
एसटीएफ ने छापे के दौरान 44.70 लाख रुपए नगद, कई देशों की विदेशी मुद्रा और शेल कंपनियों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज बरामद किए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह रकम हवाला नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, हर्ष वर्धन के पास मौजूद विदेशी मोहरें और दस्तावेज न सिर्फ वीजा वर्क के नाम पर लोगों से पैसा ठगने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे, बल्कि वह हवाला रैकेट के जरिए विदेशी निवेशकों को भी फर्जी कंपनियों में फंसाकर पैसा बाहर भेज रहा था।
गाजियाबाद में ‘फर्जी वेस्ट आर्कटिक दूतावास’ का पर्दाफाश: अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलर और चंद्रास्वामी से जुड़ाव – पुराने केस में अवैध सैटेलाइट फोन भी बरामद
एसटीएफ की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया – हर्ष वर्धन के तार कुख्यात अंतरराष्ट्रीय हथियार डीलर अदनान खगोशी और विवादित धार्मिक गुरु चंद्रास्वामी से जुड़े हुए हैं।
2011 में भी उस पर कविनगर थाने में केस दर्ज हुआ था, जब उसके पास से अवैध सैटेलाइट फोन बरामद हुआ था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हथियार सौदों और मनी लॉन्ड्रिंग में भी इसकी भूमिका हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एसटीएफ ने हर्ष वर्धन जैन को गिरफ्तार कर कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, हवाला, और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अब इस केस की फाइल ईडी, आईबी और एनआईए को भी सौंपी जा सकती है, क्योंकि मामला विदेशी फंडिंग, हवाला और राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा है।
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