हापुड़: बारिश के चलते भरभराकर गिरी सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग, महिला बाल-बाल बची – CCTV में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना
Hapur: गढ़ कोतवाली क्षेत्र के छोटे बाजार मामला, लोगों ने प्रशासन पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
हापुड़, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां लगातार हो रही बारिश के कारण एक जर्जर सरकारी स्कूल की इमारत भरभराकर गिर गई। इस हादसे का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि पूरा घटनाक्रम पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे इमारत गिरते वक्त एक महिला वहां से गुजरती है और चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच जाती है।
Hapur: जर्जर स्कूल, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
यह घटना गढ़ कोतवाली क्षेत्र के छोटे बाजार की बताई जा रही है, जहां एक पुरानी, खाली और बेहद जर्जर सरकारी स्कूल की बिल्डिंग काफी समय से खतरे की स्थिति में खड़ी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस भवन की हालत बेहद खराब थी और लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा इसे गिराया नहीं गया।
बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई और आखिरकार स्कूल की दीवारें और छत भरभराकर गिर पड़ीं।
Hapur: CCTV कैमरे में कैद हुआ का मंजर, महिला चमत्कारिक रूप से बची
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस वक्त इमारत गिर रही थी, उसी समय एक महिला वहां से गुजर रही थी।
CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि महज चंद सेकंड के अंतर से महिला मलबे की चपेट में आने से बच गई। यदि वह एक पल भी रुकती, तो यह हादसा उसकी जान ले सकता था।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, अफसरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आस-पास के लोग मौके पर दौड़े और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ नाराज़गी जताई।
लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय निकाय व शिक्षा विभाग को बिल्डिंग की खराब स्थिति के बारे में अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय निवासी का कहना था:
“जब स्कूल बंद हो चुका था, तब इसकी बिल्डिंग क्यों रखी गई? यदि किसी बच्चे या महिला की जान चली जाती तो जिम्मेदार कौन होता?”
Hapur: कई सवाल खड़े करती है यह घटना
क्या प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि इमारत जर्जर है?
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
यदि महिला की जान चली जाती तो क्या इसे महज ‘दुर्घटना’ कहकर टाल दिया जाता?
यह हादसा सिर्फ एक इमारत गिरने की घटना नहीं है, बल्कि यह जनहित की अनदेखी, अफसरशाही की निष्क्रियता और लापरवाही की एक खौफनाक तस्वीर है।