दरभंगा ऑनर किलिंग: जब बेटी के प्यार ने पिता को बना दिया हत्यारा
बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज कैंपस में एक ऐसा हृदयविदारक दृश्य सामने आया जिसने न केवल एक युवा छात्र की ज़िंदगी छीन ली, बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया।
प्रेम, विवाह और जातीय दीवारों से टकराता युवा
दरभंगा ऑनर किलिंग: राहुल कुमार, महज़ 25 साल का एक होनहार छात्र, जिसने हाल ही में दरभंगा मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई शुरू की थी। पढ़ाई के दौरान ही वह अपने ही कॉलेज में पढ़ रही एक छात्रा प्रिया से प्यार कर बैठा। यह प्यार परंपराओं की सीमाएं तोड़ता था क्योंकि दोनों अलग-अलग जातियों से थे। समाज के नियमों की परवाह किए बिना दोनों ने आपसी सहमति से चार महीने पहले शादी कर ली।
यह विवाह न तो प्रिया के परिवार को मंज़ूर था और न ही उसके पिता प्रेमशंकर झा को। वे बेटी के इस निर्णय से इतने आहत हुए कि उन्होंने अपनी मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं और एक ऐसा अपराध कर डाला, जो आज तक दरभंगा के मेडिकल कॉलेज के इतिहास में दर्ज हो गया।
दरभंगा ऑनर किलिंग: खुलेआम कैंपस में चली गोली, छात्र की मौत
मंगलवार की शाम कॉलेज हॉस्टल के सामने वह दृश्य घटा, जिसने सबकी आत्मा को झकझोर दिया। प्रिया और राहुल कैंपस में बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक प्रेमशंकर झा वहां पहुंचे। बिना कोई चेतावनी दिए उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और राहुल पर गोली चला दी। गोली सीधे राहुल के सीने में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसकी पत्नी प्रिया यह सब देखती रह गई—न कुछ कर सकी, न कुछ कह सकी। उसका पति उसकी आंखों के सामने दम तोड़ गया।
दरभंगा ऑनर किलिंग: गुस्साए छात्रों ने लिया घटनास्थल पर मोर्चा
इस दर्दनाक मंजर के कुछ ही देर बाद छात्र जमा हो गए। गुस्से में भरे छात्रों ने आरोपी पिता को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। उसके बाद पुलिस को बुलाया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अवस्था में आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। बाद में उसे पटना रेफर किया गया।
कॉलेज में विरोध की लहर, सेवाएं ठप
हत्या की खबर आग की तरह फैल गई। नर्सिंग और मेडिकल छात्रों ने आपातकालीन सेवाओं के बाहर विरोध शुरू कर दिया। छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की और आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की मांग की। कुछ देर के लिए अस्पताल की सेवाएं ठप हो गईं। पुलिस को प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया और आश्वासन दिया कि आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचित किया गया।
सामाजिक सड़ांध की एक और बर्बर तस्वीर
यह कोई पहली ऑनर किलिंग नहीं है, लेकिन यह घटना समाज के उस अंधेरे कोने को उजागर करती है, जहां आज भी जाति, सम्मान और परंपरा के नाम पर बच्चों के सपनों को कुचला जा रहा है। जहां एक पिता अपनी ही बेटी की खुशी के दुश्मन बन जाते हैं। जहां प्रेम की कीमत मौत होती है।
दरभंगा ऑनर किलिंग: सवाल जिनका जवाब चाहिए
क्या एक बालिग बेटी के फैसले का इतना बड़ा खामियाज़ा होना चाहिए?
क्या समाज की ठहरी सोच आज भी नई पीढ़ी की आज़ादी को खत्म करने पर तुली है?
क्या प्रशासन ऐसे मामलों में तेज़ और सख्त उदाहरण पेश करेगा?
यह घटना सिर्फ एक युवक की हत्या नहीं है, यह एक सवाल है इस समाज से—जो प्रेम को नहीं, परंपरा को पूजता है। जो मर्यादा के नाम पर हत्या कर देता है। और जो आज़ाद सोच के खिलाफ खड़ा हो जाता है। दरभंगा की यह घटना हर उस इंसान के लिए चेतावनी है, जो यह मानता है कि प्रेम अपराध है। हमें यह तय करना होगा कि हम किस तरह का समाज बनाना चाहते हैं—प्यार को अपनाने वाला या बंदूक से कुचलने वाला।
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