प्रेम में मिली बेवफाई या परिवार की जंजीर? गले में प्रेमी का नाम का मंगलसूत्र, दिल में टूटा भरोसा — और मौत को गले लगा गई महोबा की गीता
महोबा | रॉकेट पोस्ट लाइव डेस्क
Mahoba: उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद से एक दर्दनाक प्रेम प्रसंग की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कबरई थाना क्षेत्र के अलीपुरा गांव में एक 20 वर्षीय दलित युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह कोई सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रेम हादसा था जिसमें उम्मीद, धोखा और सामाजिक बंदिशें उलझकर रह गईं।
Mahoba: प्यार में गले में लटका मंगलसूत्र, लेकिन गले ही पड़ गई मौत की फांसी
मृतका की पहचान गीता पुत्री आसाराम के रूप में हुई है। गीता पिछले चार सालों से हमीरपुर जनपद के भूसी गांव निवासी अमित नामक युवक से प्रेम करती थी। अमित मृतका के जीजा का मौसेरा भाई था, जिससे नजदीकी के चलते दोनों के बीच संबंध पनपे। लेकिन जब बात शादी तक पहुँची, तो अमित का बड़ा भाई बबलू रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुआ।
प्रेमी अमित ने कुछ दिन पहले कोरियर से गीता के नाम मंगलसूत्र भेजा था — जिस पर उसका नाम लिखा हुआ था। यही मंगलसूत्र गीता ने आत्महत्या के समय पहना हुआ था, जो इस प्रेम कहानी की कड़वी हकीकत बयां कर रहा था।
Mahoba: आखिरी कॉल, आखिरी उम्मीद और फिर मौत
घटना वाले दिन गीता ने अपने मोबाइल से किसी से आखिरी बार बातचीत की। यही कॉल अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने की सबसे अहम कड़ी बन गई है। उसके चचेरे भाई कामता प्रसाद ने बताया कि कॉल डिटेल और चैटिंग से ये साफ हो जाएगा कि गीता ने किससे बात की थी और उस बातचीत में ऐसा क्या हुआ कि उसने खुद को फांसी पर लटका लिया।
जब परिवार के सदस्य उसकी बड़ी बहन की तबीयत खराब होने पर ससुराल देखने गए थे, उसी दौरान गीता ने घर में अकेले फांसी लगाकर जान दे दी। जब परिजन लौटे, तो बेटी को दुपट्टे से लटका देखकर चीख-पुकार मच गई।
Mahoba: पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल और सबूत जब्त
मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती का मोबाइल फोन, चैटिंग हिस्ट्री और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में सीओ सिटी दीपक दुबे ने बताया कि एक 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर जान दी है। मौत के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है, मोबाइल फोन से अहम सुराग मिल सकते हैं।
समाज को सोचने की ज़रूरत — क्या प्रेम का बोझ अब भी बेटियों को ही उठाना होगा?
गीता की मौत केवल एक प्रेम कहानी का दुखद अंत नहीं है, बल्कि समाज में आज भी जाति, परिवार की मान-मर्यादा और महिला स्वतंत्रता के बीच फंसी ऐसी कई लड़कियों की कहानी है जो प्रेम में भरोसे की तलाश करती हैं, लेकिन जवाब में मिलती है — खामोशी, ठुकराया गया रिश्ता और अंत में अकेली मौत।
Mahoba: क्या यह आत्महत्या है या सामाजिक हत्या?
ऐसे मामलों में यह सवाल बार-बार उठता है — क्या यह आत्महत्या है या सामाजिक हत्या? प्रेम करना, शादी की उम्मीद रखना कोई अपराध नहीं, लेकिन जब समाज और परिवार समझने से इनकार कर दे, तब कमजोर दिल और संवेदनशील मन के लिए जीना कितना कठिन हो जाता है — गीता की मौत इसका आईना है।