पीलीभीत में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: मोबाइल चोरी से लेकर लाखों की लूट तक, जहानाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Pilibhit Cyber Scam Crackdown: पीलीभीत जनपद के थाना जहानाबाद क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह न केवल मोबाइल चोरी करता था, बल्कि चोरी हुए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पीड़ित के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट से लाखों रुपये उड़ा लेता था। इस मामले में पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी की है, बल्कि इनके आपराधिक इतिहास का भी खुलासा किया है, जो चौंकाने वाला है।
Pilibhit Cyber Scam Crackdown: घटना का खुलासा ऐसे हुआ
दिनांक 10 अगस्त 2025 को एक पीड़ित ने थाना जहानाबाद में तहरीर दी कि उसका ट्रक में रखा मोबाइल फोन चोरी हो गया है। इसके बाद उसी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फोन-पे के माध्यम से 27 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल ₹1,82,840 की रकम उड़ा ली गई। मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया और साइबर सेल की मदद ली।
जांच में सामने आया कि चोरी हुआ मोबाइल नंबर अपराधी अपने फोन में डालकर पीड़ित के डिजिटल पेमेंट ऐप तक पहुंच बना लेते थे और वहां से रकम निकाल लेते थे। यही नहीं, ये रकम निकालने के लिए जनपद पीलीभीत और बरेली के अलग-अलग जनसेवा केंद्रों का इस्तेमाल किया जाता था।
Pilibhit Cyber Scam Crackdown: गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में थाना जहानाबाद पुलिस ने 12 अगस्त 2025 की शाम करीब 5:50 बजे मानपुर चौराहे से दो आरोपियों—
फुरकान पुत्र मोहम्मद वसीम, निवासी काशीराम कॉलोनी, थाना सुनगढ़ी, जनपद पीलीभीत
नाजिम पुत्र अजमेरी, निवासी मोहल्ला शेर मोहम्मद, निकट शरफी खां चौराहा, थाना कोतवाली, जनपद पीलीभीत
—को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के समय आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल ₹16,000 नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए।
Pilibhit Cyber Scam Crackdown: अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
फुरकान और नाजिम कोई नए अपराधी नहीं हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फुरकान पर पहले से ही गैंगस्टर एक्ट, डकैती, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी के 14 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें 2014 से लेकर 2025 तक के कई केस शामिल हैं। नाजिम का भी अपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें आर्थिक अपराध और अन्य संगीन धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
मामले की कानूनी स्थिति
इस मामले में पुलिस ने धारा 303(2)/318(4)/317(2)/3(5) बीएनएस और 66C सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
साइबर अपराध का बढ़ता खतरा
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह साइबर अपराधी मोबाइल चोरी को महज़ फोन हथियाने तक सीमित नहीं रखते, बल्कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम का दुरुपयोग कर पीड़ित के बैंक खाते से सीधी रकम निकाल लेते हैं।
इस तरह की वारदातें बढ़ते डिजिटल लेन-देन के दौर में गंभीर खतरा हैं, खासकर तब जब लोग अपने डिजिटल वॉलेट या बैंक ऐप्स में पासवर्ड, ओटीपी और सुरक्षा को लेकर लापरवाह रहते हैं।
Pilibhit Cyber Scam Crackdown: जनता के लिए चेतावनी
अपने मोबाइल में बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट ऐप्स को हमेशा पासवर्ड, पिन या बायोमेट्रिक लॉक से सुरक्षित रखें।
मोबाइल चोरी होते ही तुरंत बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाताओं को सूचित कर नंबर को ब्लॉक कराएं।
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज के जरिए मांगी गई ओटीपी या लिंक पर क्लिक न करें।
पुराने मोबाइल या सिम को बेचते या बदलते समय सभी डेटा पूरी तरह से डिलीट करें।
थाना जहानाबाद पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े साइबर ठगी गिरोह को पकड़ने में सफल रही, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि अपराधी अब तकनीक के जरिये किस हद तक पैठ बना चुके हैं। ऐसे में आम जनता को जागरूक रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
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