देखिए कनपुरियों का आजाद भारत को लेकर प्रेम का अनोखा नजारा, गंगा की लहरों में लहराया आजादी का तिरंगा
रिपोर्ट – मनीष भटनागर
कानपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुरुवार की शाम होते ही एक अदभुत नजारा देखने को मिला जिसका सन्देश देशभक्ति को लेकर प्रेरित करता नजर आया और हर किसी का मन भावुक कर दिया। दरअसल, गुप्तार घाट स्थित प्रेम क्लब ने अपनी 100 वर्ष पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए गंगा की लहरों पर तिरंगा लहराते हुए ऐतिहासिक तैराकी आयोजन किया।
प्रेम क्लब के अध्यक्ष ने बताई परंपरा
सबसे पहले, क्लब के अध्यक्ष श्री कृष्ण गुप्ता ने बताया कि यह परंपरा आज़ादी के पहले से चली आ रही है। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रेम क्लब के सदस्य गंगा नदी में तैरते हुए झंडा रोहण कार्यक्रम तक पहुँचते हैं। इस वर्ष, स्थापना के शताब्दी वर्ष के सम्मान में मार्ग में परिवर्तन किया गया और तैराकों ने बिठूर घाट के बजाय परमट घाट से गुप्तार घाट तक का साहसिक सफर तय किया।
भारत माता के जयकारों से गूंज उठी गंगा की लहरें
इसके अलावा भले ही इस बार महिला तैराक शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन क्लब के 50 से अधिक पुरुष तैराकों ने गंगा की ठंडी धाराओं में जोशपूर्ण तैराकी करते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त किया। रास्ते भर तिरंगा लहराता रहा और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे।
अंतत फिर ली शपथ
गुप्तार घाट पहुंचकर सभी तैराकों ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान के बाद देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने की शपथ ली। श्रीकृष्ण गुप्ता ने कहा, “यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत है और हमारा कर्तव्य है कि हम इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।”
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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