3

Recent News

हिमाचल की अनन्या नेगी की स्पीच हुई वायरल! संसद में ऐसा क्या बोला कि इंटरनेट पर जमकर शेयर हो रही Video, देखें..

अनन्या नेगी की स्पीच: हिमाचल प्रदेश की स्टूडेंट अनन्या नेगी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। संसद परिसर…

गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों में पत्थरबाजी, कई घायल। निशा विश्वकर्मा केस के बाद बढ़ा तनाव।
Shocking Video: सर्कस में अचानक बैरियर टूटा, टाइगर कूदकर पहुंचा दर्शकों के बीच! फिर जो हुआ वो दहलाने वाला..

Shocking Video: सोचिए, आप सर्कस में शो देख रहे हों और अचानक एक बाघ स्टेज से निकलकर आपके सामने आ…

War News: ईरान ने होर्मुज के रास्ते भारत आ रहे जहाज को कब्जे में लिया, इससे पहले 2 जहाजों पर हुई फायरिंग
Smart Meter Check: स्मार्ट मीटर सही है या गड़बड़? घर बैठे इन आसान तरीकों से ऐसे करें चेक..

Smart Meter Check: आजकल घरों में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो बिजली खपत को डिजिटल तरीके…

3

Recent News

अनन्या नेगी की स्पीच: हिमाचल प्रदेश की स्टूडेंट अनन्या नेगी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। संसद परिसर…

Shocking Video: सोचिए, आप सर्कस में शो देख रहे हों और अचानक एक बाघ स्टेज से निकलकर आपके सामने आ…

Smart Meter Check: आजकल घरों में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो बिजली खपत को डिजिटल तरीके…

Breaking News

अहिरावण वध और राम-लक्ष्मण मुक्ति की पौराणिक कथा से जुड़ा है नैमिषारण्य का दक्षिणमुखी हनुमान गढ़ी मंदिर, जानिए कैसे

नैमिषारण्य स्थित हनुमानगढ़ी भारत के तीन प्रमुख हनुमान मंदिरों में से एक मानी जाती है। जैसे अयोध्या के हनुमानगढ़ी में भगवान हनुमान जी की *बैठी हुई* मुद्रा में प्रतिमा स्थापित है और प्रयागराज में *लेटी हुई* मुद्रा में, ठीक उसी प्रकार नैमिषारण्य की हनुमान गढ़ी में उनकी विशाल दक्षिणमुखी प्रतिमा स्थापित है।

अहिरावण ने किया था ये प्रयास 

हनुमानगढ़ी के महंत बजरंग दास जी के अनुसार, यह मंदिर बड़े हनुमान मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि भगवान श्री राम और रावण के बीच हुए महासंग्राम के दौरान अहिरावण ने श्री राम और लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले जाकर बलि देने का प्रयास किया था।

फिर पातालपुरी पहुंचे थे हनुमान जी 

इसी समय हनुमान जी पातालपुरी में पहुंचे और अहिरावण का वध कर राम-लक्ष्मण को मुक्त कराया। कहा जाता है कि इसके बाद बजरंगबली ने दोनों भाइयों को अपने कंधों पर बैठाकर **इसी स्थान से धरती फाड़कर प्रकट हुए** और यहीं से लंका की ओर प्रस्थान किया।

फिर प्रकट हुयी थी दक्षिण मुखी प्रतिमा 

माना जाता है कि इसी घटना के दौरान भगवान हनुमान की दक्षिण मुखी प्रतिमा भी प्रकट हुई। यही कारण है कि यह मंदिर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के नाम से भी विख्यात है। इस दुर्लभ प्रतिमा में हनुमान जी के कंधों पर राम और लक्ष्मण विराजमान हैं, जबकि उनके पैरों के नीचे अहिरावण दिखाई देते हैं।

पांडवों ने भी थी आराधना 

यही नहीं, मंदिर के पास स्थित पांच पांडव किला भी इस क्षेत्र की महत्ता बढ़ाता है। जनश्रुति है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहाँ भगवान हनुमान की आराधना की, जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र को पांच पांडव किला नाम मिला।

इस प्रकार नैमिषारण्य की हनुमान गढ़ी न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि पौराणिक इतिहास से जुड़ी अद्भुत और प्रेरणादायी यादों को भी संजोए हुए है।