Pilibhit: बीसलपुर ब्लॉक के रिछोला घासी गांव में प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
बीसलपुर (पीलीभीत) – रिछोला घासी गांव में विकास कार्यों को लेकर आए धन का सही इस्तेमाल न होने की खबर ने पूरे गांव में हलचल मचा दी है। ग्रामीणों ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को शपथपत्र सौंपकर शिकायत की कि ग्राम प्रधान अनीता देवी ने विकास कार्यों के लिए उपलब्ध धन का गलत इस्तेमाल किया। शिकायत के अनुसार, गांव में कई जरूरी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए।
Pilibhit: ग्रामीणों ने उठाई आवाज
ग्रामीण देवस्वरुप, महेंद्र पाल, बनवारी लाल और अन्य लोगों ने डीएम को बताया कि गांव में इंटरलॉकिंग कार्य, नाली निर्माण, शौचालय मार्ग की मरम्मत और राजीव गांधी सेवा केंद्र की बाउंड्रीवाल जैसे विकास कार्यों के लिए पैसा आवंटित किया गया था।
लेकिन ग्रामीणों के आरोप हैं कि इन कार्यों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही। ग्रामीणों का कहना था कि पैसा निकाल लिया गया, लेकिन काम सही तरीके से नहीं हुआ। इन शिकायतों ने प्रशासन के कानों तक सीधा रास्ता बना दिया।
Pilibhit: डीएम ने की त्वरित और सख्त कार्रवाई
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम प्रधान ने विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि का गलत इस्तेमाल किया।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान ने वित्तीय जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतते हुए अपनी जिम्मेदारी का उल्लंघन किया। रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधान के व्यवहार से गांव के विकास कार्य ठप हो रहे हैं और सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो रहा।
जांच के बाद प्रधान को नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद प्रशासन ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने का निर्णय लिया।
वित्तीय अधिकार सीज और प्रशासनिक बयान
प्रभारी डीपीआरओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए धनराशि केवल प्रशासन की निगरानी में ही निकाली जाएगी।
ग्रामीणों की सुरक्षा और विकास कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अनिवार्य था। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी अनियमितता पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने के लिए डीडीओ को संस्तुति पत्र भेज दिया गया है।
Pilibhit: ग्रामीणों में उम्मीद और प्रशासन की सख्ती का संदेश
ग्रामीण अब प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से संतुष्ट हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे मामलों में भविष्य में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि विकास कार्यों के लिए आवंटित हर रुपया सीधे ग्रामीणों के हित में खर्च होना चाहिए।
xरिछोला घासी गांव का यह मामला यह स्पष्ट करता है कि प्रशासन अब वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं करेगा। डीएम और अधिकारियों की त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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