कानपुर। किसानों की आय बढ़ाने और तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय (तिलहन अनुभाग) ने एफपीओ (FPO) एवं सहकारी समितियों के लिए 10 टन क्षमता की ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट** उपलब्ध कराने की नई योजना की घोषणा की है। यह योजना नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल सीड्स) 2025-26 के अंतर्गत चलाई जा रही है।
जाने योजना का उद्देश्य और लाभ
कृषि विभाग के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत एफपीओ एवं सहकारी समितियों को यूनिट स्थापना पर प्रोजेक्ट लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9,90,000/- तक का अनुदान दिया जाएगा। इस कदम से तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
इस योजना का लाभ केवल **कंपनी अधिनियम या सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एफपीओ एवं सहकारी समितियों** को मिलेगा। हालांकि, इसके लिए कुछ पात्रता मानक भी निर्धारित किए गए हैं –
* एफपीओ का न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
* इसमें कम से कम 200 कृषक सदस्य होने आवश्यक हैं।
* पिछले तीन वर्षों में औसत कारोबार 9 लाख से अधिक होना चाहिए।
* कृषकों की इक्विटी न्यूनतम 3 लाख होनी चाहिए।
अब पढ़िए आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक एफपीओ एवं सहकारी समितियां 14 अगस्त 2025 से 31 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन हेतु दो पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं –
* agridarshan.up.gov.in](http://agridarshan.up.gov.in
* upfposhaktiportal.up.gov.in](http://upfposhaktiportal.up.gov.in
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली पर आधारित होगी। यदि आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक आते हैं, तो जनपद स्तरीय समिति की उपस्थिति में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
किसानों के लिए बड़ा अवसर
उप निदेशक कृषि ने कहा कि यह योजना किसानों और समितियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी योग्य एफपीओ और सहकारी समितियों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर आवेदन करें और इस अवसर का लाभ उठाएं।