Ganesh Chaturthi 2025: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी का पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि जीवन जीने की अद्भुत प्रेरणा भी देता है। भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य माना जाता है, के प्रत्येक अंग में गहरी जीवन शिक्षा छिपी हुई है।
पढ़िए प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के कान क्या देते हैं संदेश
भगवान श्री गणेशजी के विशाल कान यह संदेश देते हैं कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए पहले सही ढंग से सुनना और समझना आवश्यक है। वास्तव में, समाज में अनेक विवाद सिर्फ ठीक से न सुनने या न समझने के कारण उत्पन्न होते हैं। इसलिए गणपति का विशालकाय कान हमें धैर्यपूर्वक सुनने की प्रेरणा प्रदान करता है।
आंखें भी देती हैं यह सुझाव
गणेशजी का वाहन मूषक भी गहरा संदेश देता है। यद्यपि वे रिद्धि-सिद्धि के दाता हैं, किंतु उन्होंने छोटे से मूषक को अपना वाहन चुना। यह इस बात का प्रतीक है कि साधन छोटे हों या बड़े, कर्म में तत्परता और शीघ्रता सबसे महत्वपूर्ण है। मूषक की तरह हर कार्य को उत्साह और तत्परता से करना चाहिए।
मोदक और लड्डू जीवन में देते हैं यह
साथ ही, भगवान गणेश के हाथ में लड्डू और मोदक समृद्धि और मिठाई का संदेश देते हैं। मोदक, जो गणेश जी का प्रिय भोग है, जीवन में मधुरता और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान करता है।
आप जिस प्रतिमा को बैठालते हैं वो भी कुछ कहती है आप से जानिए
इसी कारण, गणेश चतुर्थी का पर्व न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि जीवन जीने की कला और सकारात्मक दृष्टिकोण का अद्भुत संदेश भी देता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी **27 अगस्त, बुधवार 2025** को उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है