कानपुर में गूगल मैप कार को ग्रामीणों ने चोर समझकर घेरा, पुलिस ने समझा-बुझाकर कराया मामला शांत
कानपुर कमिश्नरेट के साउथ जोन के साढ़ थाना क्षेत्र में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब ग्रामीणों ने गूगल मैप की कार को चोरों का वाहन समझ लिया। दरअसल, बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में सक्रिय एक फेरी कच्छा-बनियान गिरोह ने ग्रामीणों की नींद हराम कर रखी है। इसी कारण गांव के लोग रात-दिन सतर्क रहते हैं।
ग्रामीणों को हुआ था शक
घटना साढ़ थाना के बिरहर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मोहलिया गांव की है। यहां देर रात हुई चोरी की वारदात से पहले ही ग्रामीण नाराज थे। इसी बीच गूगल मैप से रास्ता चिह्नित करने वाले कर्मचारियों की कार गांव में पहुंची। संदिग्ध हालात देख ग्रामीणों ने कार को घेर लिया और कर्मचारियों पर शक जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शांत कराया हंगामा
सूचना मिलते ही साढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि कार में मौजूद लोग गूगल मैप कंपनी से जुड़े कर्मचारी हैं और वे केवल रास्ते को डिजिटली रिकॉर्ड कर रहे थे। पुलिस ने मामला शांत कराया और ग्रामीणों से अपील की कि बिना पुख्ता जानकारी के किसी पर आरोप न लगाएं।
जानिए क्यों नाराज हैं ग्रामीण
हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा यूं ही नहीं था। बीते चार दिनों से क्षेत्र में सक्रिय गिरोह लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चोर हथियारों के दम पर चोरी करते हैं और पुलिस अभी तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है। इसी वजह से लोग किसी भी बाहरी वाहन या व्यक्ति को देखकर सतर्क हो जाते हैं।
सक्रिय हुई पुलिस
पुलिस का कहना है कि गिरोह की तलाश जारी है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही गांव में गश्त बढ़ाने का आश्वासन भी दिया गया है ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं से लोगों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। हालांकि, पुलिस की तत्परता और संवाद ने एक बड़ी गलतफहमी को टाल दिया।
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