मिर्जापुर में कफ सिरप के नाम पर नशे का साम्राज्य ध्वस्त!
अदलहाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोडीन कफ सिरप तस्करी में एक और आरोपी गिरफ्तार, 8.25 करोड़ का काला खेल बेनकाब
दवा की बोतल में नशा… कागज़ों में फर्जी फर्म… और बैंक खातों में करोड़ों का खेल!
काग़ज़ों में दवा, हकीकत में ज़हर!
मिर्ज़ापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने उस काले कारोबार पर एक और करारा प्रहार किया है, जो नशे को “कफ सिरप” की बोतलों में भरकर समाज की नसों में उतार रहा था। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के इस बड़े नेटवर्क में अदलहाट पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। फर्जी दस्तावेज़, बिना संचालित फर्म, करोड़ों का बैंक ट्रांजेक्शन और लाखों शीशियों की सप्लाई—यह मामला अब सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि आर्थिक अपराध और संगठित नशा नेटवर्क की पूरी तस्वीर बन चुका है।
अदलहाट पुलिस को मिली एक और बड़ी सफलता
कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के मामले में अदलहाट पुलिस ने
एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस केस में इससे पहले
दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है,
और अब तीसरी गिरफ्तारी के साथ पूरे नेटवर्क की परतें तेजी से खुल रही हैं।
1 लाख 42 हजार शीशी कफ सिरप की अवैध बिक्री
पुलिस जांच में सामने आया कि
आरोपी ने 1,42,000 शीशी कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री की
इतनी बड़ी मात्रा यह साबित करती है कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं, बल्कि संगठित नशा कारोबार है
कफ सिरप को नशे के तौर पर युवाओं और संवेदनशील इलाकों में खपाया जा रहा था
बिना संचालित फर्म से हो रही थी सप्लाई
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि
जिस फर्म के नाम पर कफ सिरप की सप्लाई दिखाई जा रही थी
वह फर्म धरातल पर संचालित ही नहीं थी
सिर्फ कागज़ों में फर्म बनाकर अवैध सप्लाई चलाई जा रही थी
फर्जी आधार कार्ड से चल रहा था GST फर्म का खेल
पुलिस के मुताबिक,
फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर
GST पंजीकृत फर्म तैयार की गई
उसी फर्जी पहचान के सहारे करोड़ों का अवैध कारोबार किया गया
यह सीधा-सीधा आर्थिक अपराध और दस्तावेज़ी धोखाधड़ी का मामला है।
HDFC बैंक, वाराणसी में खाता – 8 करोड़ 25 लाख का ट्रांजेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि
आरोपी ने HDFC बैंक, वाराणसी में खाता खुलवाया
इसी खाते से
करीब ₹8,25,00,000 (8 करोड़ 25 लाख)
का लेन-देन किया गया
यह पूरा ट्रांजेक्शन कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली से मिर्जापुर तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि
आरोपी शिवम द्विवेदी
सनराइज ट्रेडर्स के नाम से
दिल्ली की वान्या एंटरप्राइजेज से
1 लाख 42 हजार शीशी कफ सिरप की खरीद करता था
इससे साफ है कि यह नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है।
पूछताछ के बाद आरोपी जेल भेजा गया
अदलहाट पुलिस ने
आरोपी को हिरासत में लेकर
बैंक खाते, GST दस्तावेज़, सप्लाई चैन और खरीद रिकॉर्ड की गहन जांच की
ठोस साक्ष्यों के आधार पर
आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया
मनीष कुमार मिश्रा का आधिकारिक बयान
(अपर पुलिस अधीक्षक, ऑपरेशन – मिर्जापुर)
“कोडीन कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से GST फर्म का संचालन किया जा रहा था। बिना संचालित फर्म से कफ सिरप की सप्लाई और बैंक खाते में करोड़ों के लेन-देन की पुष्टि हुई है। मामले में पहले ही दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, आगे की जांच जारी है।”
सवाल
इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप कैसे खुलेआम खपाई जा रही थी?
बैंकिंग सिस्टम में करोड़ों के ट्रांजेक्शन पर पहले अलर्ट क्यों नहीं हुआ?
दिल्ली से जुड़े इस नेटवर्क में और कौन-कौन बड़े चेहरे शामिल हैं?
आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक,
पुलिस अब
अन्य सप्लायरों
ट्रांसपोर्ट नेटवर्क
और संभावित खरीदारों
की तलाश में जुटी है
आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं
यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं,
नशे के सौदागरों के खिलाफ कानून का खुला ऐलान है।
अदलहाट पुलिस की यह सफलता बताती है कि
अब दवा की आड़ में नशा बेचने वालों के दिन पूरे हो चुके हैं।