अपराधियों पर कहर बनकर टूटी सहारनपुर पुलिस! 79 मुठभेड़ों में 114 शातिर काबू, साइबर ठगों से ₹1.08 करोड़ वापस दिलाये, पीड़ितों को मिली राहत
सहारनपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार की अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जमीन पर साकार करते हुए सहारनपुर पुलिस ने वह कर दिखाया है, जो न केवल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है बल्कि आमजन के लिए भरोसे और सुरक्षा की मजबूत ढाल भी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर आशीष तिवारी के सख्त नेतृत्व, स्पष्ट विजन और फील्ड लेवल पर प्रभावी मॉनिटरिंग का नतीजा यह है कि जनपद में फिजिकल क्राइम से लेकर साइबर अपराध तक अपराधियों की कमर तोड़ दी है।
सहारनपुर पुलिस की हालिया कार्रवाई यह साबित करती है कि अब अपराध करने वालों के लिए न तो ज़मीन सुरक्षित है और न ही डिजिटल दुनिया।
79 पुलिस मुठभेड़, अपराधियों के लिए ‘नो एस्केप ज़ोन’ बना सहारनपुर
दिनांक 01 जुलाई 2025 से अब तक सहारनपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 79 पुलिस मुठभेड़ की हैं।
इन मुठभेड़ों में—
114 शातिर, अभ्यस्त और वांछित अपराधी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए
79 अपराधी घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए
35 अपराधियों को कॉम्बिंग ऑपरेशन व सघन चेकिंग के दौरान दबोचा गया
यह आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि सहारनपुर पुलिस ने अपराधियों के नेटवर्क, मनोबल और सक्रियता तीनों पर एक साथ प्रहार किया है।
₹1 लाख का इनामी कुख्यात इमरान मुठभेड़ में ढेर
अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का सबसे बड़ा उदाहरण
05/06 अक्टूबर 2025 को सामने आया, जब सहारनपुर पुलिस ने—
1,00,000 के इनामी कुख्यात अपराधी इमरान पुत्र रज्जाक
निवासी: सोन्टा रसूलपुर, थाना थानाभवन, जनपद शामली
को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
इमरान के खिलाफ—
लूट
डकैती
सहित करीब 15 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे
उसका अंत यह स्पष्ट संदेश देता है कि
जो कानून को चुनौती देगा, वह कानून के सामने टिक नहीं पाएगा।
17 दिसंबर 2025 तक 114 अपराधियों की गिरफ्तारी
दिनांक 17 दिसंबर 2025 तक कुल 114 अपराधियों की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि यह कोई एक-दो दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि सुनियोजित, सतत और मिशन-मोड ऑपरेशन है।
सहारनपुर पुलिस की रणनीति स्पष्ट है—
अपराध का तुरंत दमन
अपराधी की गिरफ्तारी या निष्क्रियता
और कानूनी सजा तक पीछा
साइबर अपराधियों पर डिजिटल स्ट्राइक
जहां एक ओर फिजिकल क्राइम पर गोलियों की गूंज सुनाई दी,
वहीं दूसरी ओर साइबर ठगों पर तकनीक और कानून की संयुक्त चोट की गई।
दिनांक 01 जुलाई 2025 से अब तक—
साइबर अपराध के 86 मुकदमे दर्ज
56 साइबर अपराधियों पर कार्रवाई
विभिन्न बैंकों व वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर
2,17,63,267 की ठगी गई राशि फ्रीज
1,08,75,399 की रकम पीड़ितों को वापस कराई गई
यह आंकड़ा बताता है कि सहारनपुर पुलिस सिर्फ अपराध पकड़ती नहीं,
👉पीड़ित को न्याय और राहत भी दिलाती है।
अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी वार
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की रणनीति भी अपनाई गई।
डिजिटल और फिजिकल अपराधों में संलिप्त अपराधियों की—
अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर
गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत
जब्तीकरण की कठोर कार्रवाई की जा रही है
इससे अपराधियों को यह साफ संदेश मिल रहा है कि
अपराध से कमाई गई एक-एक ईंट भी सुरक्षित नहीं है।
जनता से अपील — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा—
किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें
साइबर ठगी की स्थिति में
तुरंत 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें
या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं
सहारनपुर पुलिस हर शिकायत को गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई कर रही है।
क्यों खास है सहारनपुर पुलिस की यह कार्रवाई?
यह अभियान खास इसलिए है क्योंकि—
फिजिकल और साइबर अपराध दोनों पर एकसाथ वार
अपराधी, नेटवर्क और संपत्ति — तीनों पर टारगेटेड एक्शन
सिर्फ सजा नहीं, पीड़ित को राहत भी प्राथमिकता
सरकार की नीति और पुलिस की कार्रवाई में पूर्ण तालमेल
सहारनपुर पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि
अब अपराधियों के लिए सहारनपुर सेफ ज़ोन नहीं, बल्कि ‘रेड ज़ोन’ है।
यह सिर्फ पुलिस की सफलता नहीं,
बल्कि कानून, सरकार और जनता के भरोसे की जीत है।