दिल्ली में महंगाई के दौर में आम आदमी को राहत देने के लिए Atal Canteen योजना की शुरुआत कर दी गई है। अपना बाज़ार, नेहरू नगर और लाजपत नगर से आई ज़मीनी रिपोर्ट ने इस योजना की असली तस्वीर सामने रख दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज Atal Canteen का उद्घाटन किया। ₹5 की थाली ने लोगों को आकर्षित किया, लेकिन तारीफ के साथ एक बड़ा सवाल भी उभरा — क्या यह योजना लंबे समय तक इसी गुणवत्ता के साथ चल पाएगी?
Atal Canteen योजना क्या है?
Atal Canteen योजना का मकसद गरीब, मजदूर, दिहाड़ी कामगार और निम्न आय वर्ग को बेहद कम कीमत पर पौष्टिक और सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत:
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आम लोगों को ₹5 में भरपेट भोजन
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सरकार की ओर से ₹20–25 प्रति थाली सब्सिडी
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कैंटीनों का संचालन निजी कॉन्ट्रैक्टर के जरिए
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निगरानी सरकार और स्थानीय प्रशासन की
इस योजना को पहले हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में सफल प्रयोग के बाद दिल्ली में लागू किया गया है।
CM रेखा गुप्ता ने काटा फीता, योजना का औपचारिक आग़ाज़
नेहरू नगर के अपना बाज़ार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फीता काटकर Atal Canteen का उद्घाटन किया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी इस मौके पर मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान स्थानीय लोग, अधिकारी और मीडिया बड़ी संख्या में पहुंचे।
पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आज माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी की गरिमामयी उपस्थिति में नेहरू नगर सहित राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अटल कैंटीन का शुभारंभ किया गया।
भाजपा ने अपने घोषणापत्र में दिल्लीवासियों से अटल… pic.twitter.com/AfpI8wYDC0
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) December 25, 2025
₹5 की थाली में क्या-क्या मिल रहा है?
Atal Canteen में फिलहाल:
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दाल
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सब्ज़ी
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चावल
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रोटी
साफ-सफाई और व्यवस्था उद्घाटन के दिन संतोषजनक नजर आई। लोगों ने कहा कि इतने कम दाम में यह भोजन उम्मीद से बेहतर है।
Food Blogger बोले: “आज ठीक है, असली इम्तिहान 10 दिन बाद”
मौके पर मौजूद जाने-माने फूड ब्लॉगर ने साफ कहा—
“आज उद्घाटन है, इसलिए क्वालिटी अच्छी है। लेकिन असली परीक्षा 10 दिन बाद होगी, जब रोज़ाना भीड़ बढ़ेगी और दबाव बनेगा।”
आम लोगों की प्रतिक्रिया: पेट भी भरा, जेब भी बची
मजदूरों, रिक्शा चालकों और आसपास के लोगों ने योजना की जमकर तारीफ की।
लोगों का कहना है कि:
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₹5 में खाना मिलना बड़ी राहत है
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रोज़ का खर्च कम होगा
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कामकाजी लोगों को सहारा मिलेगा
कॉन्ट्रैक्टर ने खोला हिसाब-किताब का राज
कैंटीन संचालक ने बताया:
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सरकार से ₹20–25 प्रति थाली सब्सिडी
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रोज़ सुबह-शाम मिलाकर 1000 थाली बनाने का लक्ष्य
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उनके पास कुल 10 कैंटीन, इसलिए bulk में काम कर लागत निकल जाती है
हालांकि उन्होंने भी माना कि क्वालिटी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
सिर्फ उद्घाटन नहीं, बड़ा सवाल भी
Atal Canteen योजना उम्मीद जगाती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि ऐसी योजनाएं तभी सफल होती हैं जब:
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सब्सिडी समय पर मिले
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क्वालिटी से समझौता न हो
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नियमित निगरानी हो
अब असली सवाल यही है —
क्या ₹5 की थाली सिर्फ उद्घाटन तक अच्छी रहेगी या लंबे समय तक आम आदमी का सहारा बनेगी?
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).