Pilibhit Viral Video: उत्तर प्रदेश के Pilibhit में एक मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर आरोप है कि उसने मंदिर परिसर के बाहर रील बनाकर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की, जिससे धार्मिक भावनाएं भड़क गईं और मामला तूल पकड़ गया।
क्या है पूरा मामला?
मामला पीलीभीत सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित यशवंत्री देवी मंदिर का है।
आरोप है कि:
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एक महिला इन्फ्लुएंसर ने मंदिर के बाहर खड़े होकर रील बनाई
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उसने एक आर्टिफिशियल ग्लास को “बीयर से भरा गिलास” बताया
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वीडियो में दावा किया कि मंदिर में खुलेआम शराब पिलाई और पी जा रही है
यह वीडियो सोशल मीडिया, खासकर Instagram पर तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताया जा रहा है कि इन्फ्लुएंसर Priyanka Rajput ने यह वीडियो अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया।
वीडियो में वह खुले तौर पर कहती नजर आ रही है कि मंदिर में शराब का सेवन हो रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई।

ग्राउंड रिपोर्ट में खुली सच्चाई
जब रिपोर्टर इस वायरल रील की सच्चाई जानने के लिए मंदिर के बाहर उसी दुकान पर पहुंचे, जहां युवती ने वीडियो बनाया था, तो मामला साफ हो गया।
दुकानदार ने तुरंत वह ग्लास दिखाया और बताया कि:
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यह आर्टिफिशियल (नकली) ग्लास है
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इसमें कोई बीयर या शराब नहीं थी
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युवती ने जबरन इसे “बीयर” बताकर वीडियो बनाया
दुकानदार के मुताबिक, इस तरह मंदिर को बदनाम करने की कोशिश की गई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
मंदिर प्रशासन ने जताया विरोध
मंदिर के मुख्य पुजारी Rajesh Swarup Vajpayee ने इस पूरे मामले पर कड़ा ऐतराज जताया है।
उनका कहना है कि:
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मंदिर की छवि को जानबूझकर खराब किया गया
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झूठी जानकारी फैलाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई
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इन्फ्लुएंसर के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी
विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप
मामले के सामने आने के बाद Akhil Bharat Hindu Mahasabha के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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नगर अध्यक्ष सुनील कश्यप और बीसलपुर नगर अध्यक्ष सुनील अवस्थी ने विरोध जताया
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इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
यह भी आरोप है:
मंदिर के सेवादार द्वारा विरोध करने पर लड़की ने उसे “जेल भिजवाने” की धमकी दी
योगी सरकार और सनातन का एंगल: क्या होगी सख्त कार्रवाई?
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath की सरकार है, जिन्हें एक हिंदूवादी नेता और सन्यासी के रूप में जाना जाता है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं:
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क्या इस तरह मंदिर को बदनाम करने के आरोप को नजरअंदाज किया जाएगा?
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क्या इसे सनातन धर्म के अपमान के रूप में देखा जाएगा?
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क्या उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी?
यह विवाद अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता का मुद्दा बन गया है।
शिकायत और कार्रवाई की मांग
मंदिर प्रशासन और हिंदू महासभा की ओर से:
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इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत पत्र दिया गया है
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सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है
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ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद करने के लिए ज्ञापन देने की बात कही गई है
क्या कहता है ये मामला?
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में गलत या भ्रामक जानकारी कितनी तेजी से फैल सकती है।
अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।

