Accident News: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एमिटी यूनिवर्सिटी के 23 वर्षीय छात्र हर्षित भट्ट की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पुलिस इसे हादसा बता रही है, लेकिन परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।
पिकनिक के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को परीक्षा खत्म होने के बाद हर्षित अपने तीन दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने एक खाली प्लॉट में गया था।
वहीं, नहाने के दौरान वह पानी से भरे गड्ढे में उतर गया और अचानक गहराई में चला गया, जिससे वह डूबने लगा।
दोस्तों ने बचाने की कोशिश, लेकिन नाकाम
हर्षित के दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
करीब 20 मिनट के भीतर पुलिस गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची और SDRF व NDRF की टीम को भी बुलाया गया। हर्षित को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कौन था हर्षित भट्ट?
DCP साद मियां खान के अनुसार, हर्षित भट्ट गाजियाबाद के इंदिरानगर का रहने वाला था।
वह एमिटी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (B.P.Ed) का छात्र था और छठे सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा था।
उसके पिता ललित चंद्र भट्ट भारतीय सेना के टेक्निकल विभाग में हैं और फिलहाल लद्दाख में तैनात हैं। परिवार में एक भाई और एक बहन हैं।
मां का आरोप: “मेरे बेटे की हत्या हुई है”
हर्षित की मां दीप माला ने इस घटना को हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है:
- बेटे के शरीर पर काले निशान थे
- पीठ पर V-आकार के चोट के निशान मिले
- बेटा तैरना जानता था, ऐसे में डूबना संदिग्ध है
उन्होंने मांग की है कि मामले की गहराई से जांच हो और दोषियों को सजा मिले।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने (Drowning) से मौत की पुष्टि हुई है।
- फेफड़ों में पानी और रेत मिली
- बिसरा सुरक्षित रखा गया है
- आगे की जांच जारी है
दोस्तों के साथ शराब पीने की बात आई सामने
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि चारों छात्र परीक्षा के बाद शराब लेकर मौके पर पहुंचे थे।
बताया गया कि वे पहले भी इस गड्ढे में नहा चुके थे, लेकिन इस बार हर्षित ज्यादा अंदर चला गया और हादसा हो गया।
निर्माण विवाद बना हादसे की वजह
जिस गड्ढे में यह हादसा हुआ, वहां हैबिटेट सेंटर का निर्माण होना था।
- 2019–20 में गहरा गड्ढा खोदा गया
- 2022 से मामला विवाद में फंसा
- जमीन स्वामित्व को लेकर केस चल रहा है
- काम रुकने से गड्ढे में पानी भर गया
यही गड्ढा अब हादसे की वजह बन गया।
सुरक्षा पर सवाल: गड्ढे में कैसे पहुंचे छात्र?
यह साइट चारों तरफ से कवर बताई जा रही है और वहां गार्ड भी तैनात हैं।
इसके बावजूद छात्रों का अंदर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 16 जनवरी को नोएडा में 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की भी इसी तरह गड्ढे में गिरकर मौत हो गई थी।
इस मामले के बाद प्रशासन पर कार्रवाई हुई थी और तत्कालीन CEO ऋतु माहेश्वरी को हटा दिया गया था।
“मेरा बच्चा मुझसे छीन लिया”
हर्षित की मां ने बताया कि उनका बेटा बहुत शांत स्वभाव का था और समय पर घर आता-जाता था।
उन्होंने कहा—
“मेरा बच्चा बहुत शरीफ था… मुझे नहीं पता उसके साथ क्या हुआ… मेरा बच्चा मुझसे छीन लिया गया।”
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).