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पीलीभीत: छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत: फिर खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल

पीलीभीत में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को बड़ी राहत, सरकार जल्द दोबारा पोर्टल खोलेगी, सभी पात्र छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ।

छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत: फिर खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल, अब कोई नहीं रहेगा वंचित!

अटकी पढ़ाई को मिलेगा सहारा, सरकार ने दिखाया संवेदनशील चेहरा

पीलीभीत के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से वंचित रह गए छात्रों के लिए अब सरकार ने राहत का रास्ता खोल दिया है। लंबे समय से तकनीकी कारणों के चलते परेशान छात्र-छात्राओं को अब दोबारा मौका मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई पर मंडरा रहा संकट दूर हो सकेगा।

सरकार और प्रशासन की मंशा साफ है—कोई भी पात्र छात्र सिर्फ तकनीकी खामियों की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे।

तकनीकी खामी बनी थी बाधा, अब फिर खुलेगा पोर्टल

समाज कल्याण विभाग के अनुसार, कई छात्र-छात्राएं सिर्फ तकनीकी कारणों की वजह से छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं ले पाए थे। खासतौर पर नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) द्वारा “मास्टर फीस प्रोसेस” पूरा न हो पाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन अधूरे रह गए।

इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब विभाग ने समाधान की दिशा में काम तेज कर दिया है। जल्द ही छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, जिससे सभी छूटे हुए छात्र पुनः आवेदन कर सकेंगे और उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा।

राज्यमंत्री असीम अरुण का सख्त निर्देश: “कोई पात्र छात्र वंचित नहीं रहेगा”

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी योग्य छात्र को सिर्फ तकनीकी या अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को आदेशित किया है कि:

  • पोर्टल को जल्द से जल्द दोबारा खोला जाए
  • सभी पात्र छात्रों को पारदर्शी तरीके से लाभ दिया जाए
  • छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से भेजी जाए

यह कदम सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की गंभीरता को दर्शाता है।

 सीधे खाते में पहुंचेगी छात्रवृत्ति, पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल खुलने के बाद छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। धनराशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट न आए।

यह पहल खासतौर पर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और जो छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं।

 पिछले साल भी मिला था फायदा, सैकड़ों छात्रों को मिली राहत

जिला समाज कल्याण अधिकारी चन्द्रमोहन विश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष भी पोर्टल दोबारा खोला गया था, जिससे कई छात्रों को सीधा लाभ मिला था।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में:

  • कुल 112 छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला
  • कुल ₹13,45,461 की धनराशि वितरित की गई

वर्गवार वितरण:

  • अनुसूचित जाति (SC) के 47 छात्रों को ₹3,64,504
  • सामान्य वर्ग के 65 छात्रों को ₹9,80,957

यह आंकड़े बताते हैं कि दोबारा पोर्टल खोलने का फैसला वास्तव में छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है।

शिक्षा के रास्ते की बाधाएं हटाने की पहल

सरकार और प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम न सिर्फ एक तकनीकी समस्या का समाधान है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शिक्षा के अधिकार को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पोर्टल कब तक खुलता है और कितनी तेजी से वंचित छात्रों तक यह लाभ पहुंचता है। अगर यह प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी रही, तो निश्चित रूप से हजारों छात्रों का भविष्य संवर सकता है।

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