UP News: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में ‘ब्रिटिश मौलाना’ शमसुल हुदा खान के अवैध मदरसे पर चल रही कार्रवाई सुर्खियों में है। हैरानी की बात यह है कि पोकलेन और बुलडोजर जैसी भारी मशीनें भी इस मदरसे को तोड़ने में नाकाम साबित हो रही हैं। अब प्रशासन ने ड्रिल मशीन मंगाई है, जिससे इस बेहद मजबूत ढांचे को गिराने की कोशिश की जाएगी।
दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई, मशीनें हुई बेअसर
सोमवार सुबह 10 बजे प्रशासन ने दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू की।
- 2 पोकलेन मशीनें
- 5 बुलडोजर
लगाए गए, लेकिन कुछ ही देर में एक पोकलेन मशीन खराब हो गई। करीब एक घंटे तक लगातार कोशिशों के बावजूद मदरसे के पिलर नहीं टूट सके। इसके बाद प्रशासन को फिलहाल कार्रवाई रोकनी पड़ी।
मजबूत स्ट्रक्चर बना चुनौती, ड्रिल मशीन का सहारा
प्रशासन का कहना है कि मदरसे का ढांचा बेहद मजबूत है। पिलर इतने मजबूत हैं कि भारी मशीनों का भी असर नहीं हो रहा।
इसी वजह से अब ड्रिल मशीन मंगाई गई है। इसके आने के बाद फिर से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पहले दिन 13 घंटे चली कार्रवाई, फिर भी अधूरा काम
रविवार को करीब 13 घंटे तक लगातार कार्रवाई चली थी।
- चारदीवारी तोड़ी गई
- 10 से अधिक पिलर गिराए गए
- पीछे का करीब 15 फीट हिस्सा ढहाया गया
इसके बावजूद पूरा मदरसा नहीं टूट पाया। अभी करीब तीन-चौथाई हिस्सा बाकी है। कुल 48 पिलरों में से अब तक सिर्फ 10 ही तोड़े जा सके हैं।
640 वर्गमीटर में बना 3 मंजिला मदरसा
प्रशासन के मुताबिक:
- मदरसा 640 वर्गमीटर (करीब 7000 वर्गफीट) में बना है
- इसमें 3 मंजिलें और 25 कमरे हैं
- निर्माण लागत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई
- आरोप है कि इसे विदेशी फंडिंग से बनाया गया
यह मदरसा 2024 से बंद है, लेकिन पहले यहां करीब 400 बच्चे पढ़ते थे।
क्यों हो रही है कार्रवाई? पूरी कानूनी कहानी
- 2024 में गांव निवासी अब्दुल हकीम ने अवैध निर्माण की शिकायत की
- नवंबर 2025 में SDM कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया
- मदरसा प्रबंधन ने DM और फिर कमिश्नर के पास अपील की
- 25 अप्रैल 2026 को कमिश्नर ने याचिका खारिज कर दी
इसके बाद प्रशासन ने मदरसा कमेटी को नोटिस देकर कार्रवाई शुरू कर दी।
भारी पुलिस फोर्स तैनात, PAC भी मौजूद
मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:
- करीब 100 पुलिसकर्मी
- 30 महिला पुलिसकर्मी
- PAC की 2 कंपनियां
SDM हृदय नारायण त्रिपाठी और CO प्रियम राजशेखर समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
‘ब्रिटिश मौलाना’ का कनेक्शन: विदेश में रहकर संचालन
मदरसा संचालक शमसुल हुदा खान:
- 2017 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चला गया
- 2013 में ब्रिटिश नागरिकता ले ली
- परिवार (पत्नी, बेटा, बहू) खलीलाबाद में रहता है
विदेश में रहते हुए भी लेता रहा वेतन
जांच में सामने आया कि:
- 2017 तक भारत के मदरसे से वेतन लेता रहा
- करीब 16 लाख रुपए अवैध रूप से लिए
- विभागीय मिलीभगत से मेडिकल लीव मिलती रही
- बाद में VRS और पेंशन का भी लाभ दिया गया
इस मामले में 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन
ATS जांच में कई गंभीर आरोप सामने आए:
- पाकिस्तान के कई शहरों में आवाजाही
- संदिग्ध धार्मिक संगठनों से संपर्क
- जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से लिंक
- “दावते इस्लाम” जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों से जुड़ाव
आरोप है कि विदेशी फंडिंग के जरिए नेटवर्क चलाया जा रहा था।
एक सील हुआ तो दूसरा मदरसा खोल दिया
- 2024 में पहला मदरसा सील किया गया
- तुरंत पास में दूसरा मदरसा खोल लिया गया
- 3 नवंबर 2025 को दूसरा भी सील कर दिया गया
इसके अलावा एक मकान में गर्ल्स हॉस्टल भी चलाया जा रहा था, जहां कई जिलों और राज्यों की लड़कियां रहती थीं।
UP News: संतकबीरनगर का यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी फंडिंग, प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा एजेंसियों की जांच जैसे कई गंभीर पहलू जुड़े हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ड्रिल मशीन इस “मजबूत” मदरसे को गिरा पाएगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).