Railway Track Blast: पटियाला के राजपुरा इलाके में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर पर हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। शुरुआती जांच में इस ब्लास्ट के पीछे टेरर एंगल सामने आ रहा है। रेलवे की स्पेशल DGP शशि प्रभा द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका जताई है।
मालगाड़ी गुजरते समय हुआ धमाका
सोमवार रात करीब 8:30 बजे राजपुरा-शंभू रेलवे स्टेशन के पास धमाका हुआ। उस समय पटरी से मालगाड़ी गुजर रही थी। हालांकि ट्रेन को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ड्राइवर को झटका लगा। उसी ने अधिकारियों को ट्रैक पर गड़बड़ी की सूचना दी।
बम लगाने वाला ही बना शिकार
जांच में सामने आया है कि धमाके में जिस व्यक्ति की मौत हुई, वही बम फिट करने आया था। जगरूप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को शक है कि वह धमाके के वक्त ट्रैक के पास ही खड़ा था और खुद ही विस्फोट की चपेट में आ गया।
टिकट, मोबाइल और बाइक से मिले अहम सुराग
पुलिस को जगरूप सिंह की जेब से सरहिंद से राजपुरा की ट्रेन टिकट मिली है। उसका मोबाइल भी बरामद हुआ है, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। अमृतसर में उसकी बाइक पार्क करते हुए CCTV फुटेज भी मिला है। इसके अलावा घटनास्थल के पास से UP और हरियाणा नंबर की 2 मोटरसाइकिल भी बरामद हुई हैं।
खालिस्तान कनेक्शन और पुराना बैकग्राउंड
पुलिस के मुताबिक जगरूप सिंह खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह का करीबी रहा है और 2024 लोकसभा चुनाव में उसका प्रचार भी कर चुका है। वह पहले दुबई गया था और लौटने के बाद निहंग वेश धारण कर लिया था। वह 2 बेटियों का पिता था।
पहले भी मिली थी रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी
सूत्रों के मुताबिक एक हफ्ते पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी की तरफ से ईमेल के जरिए पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसमें अंबाला से दिल्ली तक ट्रैक को निशाना बनाने की बात कही गई थी।
पुलिस जांच में जुटी, 2 संदिग्ध गिरफ्तार
पटियाला SSP वरुण शर्मा ने बताया कि यह सिर्फ एक ब्लास्ट नहीं बल्कि बड़ा धमाका करने की कोशिश थी। पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और GRP, RPF सहित अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
इस साल रेल ट्रैक पर दूसरा बड़ा हमला
यह 2026 में रेलवे ट्रैक पर दूसरा बड़ा धमाका है। इससे पहले 23 जनवरी को सरहिंद के खानपुर में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया था।
सियासत भी गरमाई
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य में शांति खतरे में है और सरकार हालात संभालने में विफल हो रही है।