बरेली की फर्जी IAS: उत्तर प्रदेश के बरेली में खुद को IAS अफसर बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाली विप्रा शर्मा और उसकी दो बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस ‘सिस्टर गैंग’ ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया और लंबे समय तक फर्जी सिस्टम खड़ा कर ठगी करती रहीं।
खुद को SDM से ADM बताकर बढ़ाया रुतबा
Bareilly में रहने वाली विप्रा शर्मा ने खुद को पहले SDM और फिर प्रमोशन का दावा करते हुए ADM (वित्त एवं राजस्व) तक बता दिया।
वह अफसरों जैसी लाइफस्टाइल अपनाकर लोगों को प्रभावित करती थी—कार पर “ADM FR” लिखवाना, नीली बत्ती और हूटर लगाना—सब कुछ उसके फर्जी रुतबे का हिस्सा था।
पढ़ाई की, लेकिन UPSC में फेल—फिर खुद को ही अफसर मान लिया
विप्रा ने रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से MA (इतिहास और अंग्रेजी) करने का दावा किया और पीएचडी का भी दावा किया, लेकिन कोई प्रमाण नहीं दे सकी।
उसने बताया कि 2012 से 2020 तक चार बार सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने खुद को ही अधिकारी मान लिया और ठगी का रास्ता चुन लिया।
नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी
तीनों बहनों ने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया—कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक की पोस्ट का झांसा दिया गया।
प्रीति लॉयल और अन्य लोगों से करीब 11 लाख रुपये ठगे गए। फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल, व्हाट्सएप और डाक के जरिए भेजे जाते थे, ताकि मामला असली लगे।
घर में ही बनते थे फर्जी नियुक्ति पत्र
पवन विहार स्थित आलीशान मकान में यह गैंग फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करता था।
शक से बचने के लिए बहनों में से कोई एक Lucknow जाकर डाक से पत्र भेजती थी।
इतना ही नहीं, भरोसा जीतने के लिए कुछ पीड़ितों के खातों में कुछ महीनों तक नकली “वेतन” भी ट्रांसफर किया जाता था।
27 लाख की SUV, हूटर और बत्ती से बनाती थीं दबदबा
ठगी के पैसों से करीब 27 लाख रुपये की SUV खरीदी गई।
कार पर सरकारी स्टाइल में “ADM FR” लिखा था और उसमें हूटर व बत्ती लगी हुई थी, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।
पारिवारिक और निजी प्रोफाइल
विप्रा की शादी 2017 में बदायूं के एक केमिकल इंजीनियर से हुई थी, लेकिन 2020 में तलाक हो गया।
उसकी बहन शिखा MA (समाजशास्त्र) है और उसकी शादी हो चुकी है। ममेरी बहन दीक्षा पाठक MSc पास है और गैंग में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
यूट्यूबर और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
पुलिस को शक है कि इस गैंग में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें कुछ यूट्यूबर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ऑनलाइन लेनदेन और पैसों के विवाद से जुड़े सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ऐसे खुला पूरा खेल, पुलिस ने किया गिरफ्तार
जब पीड़ित नौकरी जॉइन करने Vibhuti Khand पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
इसके बाद शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने जांच कर तीनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई: कैश, कार और बैंक खाते जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 4.5 लाख रुपये नकद
- UP सरकार लिखी लग्जरी कार
- 7 चेकबुक
- 4 मोबाइल फोन बरामद किए
- 6 बैंक खातों में जमा करीब 55 लाख रुपये फ्रीज किए