बरगी डैम क्रूज हादसा: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सबसे भावुक तस्वीर उस मां और बेटे की रही, जिनके शव एक-दूसरे से लिपटे मिले।
तेज आंधी के बीच डूबा क्रूज
जानकारी के मुताबिक हादसा गुरुवार शाम करीब 5 बजे हुआ। उस समय बरगी डैम में पर्यटन विभाग का क्रूज पर्यटकों को लेकर घूम रहा था। अचानक मौसम बिगड़ा और तेज आंधी चलने लगी। बताया गया कि हादसे के वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी।
क्रूज किनारे से करीब 300 मीटर दूर था, तभी वह अनियंत्रित होकर पानी में डूब गया।
28 लोगों को बचाया गया, 4 अब भी लापता
प्रशासन के अनुसार अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं तीन बच्चों सहित 4 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य SDRF की टीम द्वारा लगातार चलाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि क्रूज में लगभग 43 से 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 यात्रियों की कटी थी।
अंधेरा और खराब मौसम से प्रभावित हुआ रेस्क्यू
बरगी सिटी CSP अंजुल मिश्रा ने बताया कि SDRF की टीम ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
रातभर सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान तेज किया गया।
मां ने आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लगाए रखा
इस हादसे की सबसे भावुक कहानी दिल्ली से घूमने आए परिवार की रही। हादसे में मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत हो गई।
बचाव दल को शुक्रवार सुबह दोनों के शव मिले। बताया गया कि मां ने अपनी लाइफ जैकेट के अंदर बेटे को कसकर सीने से चिपका रखा था। जब रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला, तब भी दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।
इस हादसे में पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बरगी डैम हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि वे दोपहर 4 बजे जबलपुर पहुंच सकते हैं।
वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी जबलपुर पहुंचे। हालांकि उनके बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है और उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी।
क्रूज पायलट बोला- संभलने का मौका नहीं मिला
क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा के सभी इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तूफान ने सब कुछ बिगाड़ दिया।
उनके मुताबिक,
“तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
महेश पिछले 10 साल से क्रूज चला रहे हैं।
एक ही परिवार के 15 लोग थे सवार
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में काम करने वाले कामराज आर्य अपने परिवार के 15 सदस्यों के साथ घूमने आए थे। उनके माता-पिता किनारे पर बैठे थे, जबकि पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में सवार थे।
कामराज मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनका एक बेटा बचा लिया गया है, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
20 साल पुराना था क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में जो क्रूज चल रहा था, उसे साल 2006 में बनाया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी।
उन्होंने बताया कि डैम में एक और क्रूज है, लेकिन वह खराब पड़ा हुआ है।
हादसे में जान गंवाने वालों की सूची
हादसे में अब तक जिन लोगों के शव मिले हैं, उनमें एक बच्चा और 8 महिलाएं शामिल हैं।
- नीतू सोनी (43), जबलपुर
- सौभाग्यम अलागन (42), तमिलनाडु
- मधुर मैसी (62), नई दिल्ली
- काकुलाझी (38), जबलपुर
- रेशमा सैयद (66), जबलपुर
- शमीम नकवी (68), भोपाल
- मरीना मैसी (39), दिल्ली
- त्रिशान (4), दिल्ली
- ज्योति सेन, जबलपुर
अब भी लापता हैं ये लोग
- श्रीतमिल (5)
- कामराज
- विराज सोनी (6)
- मयूरम (9)
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).