Rescue Viral Video: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में रील बनाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जर्जर पानी की टंकी पर चढ़े 5 बच्चों में से 3 नीचे गिर गए, जिनमें एक बच्चे की मौत हो गई और दो घायल हो गए। वहीं दो बच्चे करीब 16 घंटे तक 60 फीट ऊंची टंकी पर फंसे रहे। आखिरकार भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर की मदद से दोनों बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
रील बनाने के लिए टंकी पर चढ़े थे बच्चे
घटना सिद्धार्थनगर की काशीराम आवास कॉलोनी की है। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे 5 बच्चे रील बनाने के लिए बंद पड़ी जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए।
कुछ देर बाद जब बच्चे नीचे उतरने लगे तो अचानक टंकी की जर्जर सीढ़ी टूट गई।
On a request from state government authorities, an IAF Mi 17 V5 of Central Air Command (CAC) was deployed to rescue two stranded children, who were stuck on top of a water tank in Sidharth Nagar in Gorakhpur, Uttar Pradesh. The children were stranded in the night as the ladder of… pic.twitter.com/dZ2D4shbQS
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) May 3, 2026
सीढ़ी टूटते ही नीचे गिरे 3 बच्चे
सीढ़ी टूटने के बाद बाले, शनि और गोलू नीचे गिर गए। हादसे में बाले के ऊपर सीढ़ी का मलबा गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं शनि और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो बच्चे टंकी पर ही फंस गए
हादसे के दौरान कल्लू और पवन ऊपर ही फंस गए। दोनों ने लोहे की रॉड पकड़कर खुद को संभाला और फिर धीरे-धीरे ऊपर चढ़ गए।
इसके बाद दोनों करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहे।
दलदल की वजह से फंसा रेस्क्यू ऑपरेशन
पानी की टंकी के आसपास दलदल जैसी स्थिति होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कत आई।
गोरखपुर से हाइड्रॉलिक क्रेन मंगाई गई, लेकिन दलदल के कारण क्रेन टंकी तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद प्रशासन ने टंकी तक पहुंचने के लिए करीब 150 मीटर लंबी सड़क बनाने का काम शुरू कराया।
रात में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से देर रात तक करीब 120 मीटर सड़क बना ली गई थी, लेकिन रात करीब 3 बजे तेज बारिश शुरू हो गई।
बारिश के कारण रेस्क्यू का काम रोकना पड़ा। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने सेना और एयरफोर्स से मदद मांगी।
एयरफोर्स के MI-17 हेलिकॉप्टर ने बचाई जान
रविवार सुबह करीब 5:20 बजे भारतीय वायुसेना का Mil Mi-17 हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा।
काफी सावधानी के साथ दोनों बच्चों का एयरलिफ्ट कर सुरक्षित नीचे उतारा गया। बाद में दोनों को गोरखपुर के एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
26 साल से बंद थी पानी की टंकी
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस पानी की टंकी पर बच्चे चढ़े थे, वह करीब 26 साल से बंद पड़ी थी।
टंकी पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी, लेकिन वहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
हादसे में जान गंवाने वाला था घर का इकलौता बेटा
हादसे में जान गंवाने वाला 12 साल का बाले मोहाना थाना क्षेत्र के जुगलीपुर गांव का रहने वाला था। वह परिवार का इकलौता बेटा था और पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।
बाकी बच्चों के बारे में जानिए
- घायल गोलू शास्त्री नगर का रहने वाला है।
- घायल शनि उरवलिया गांव का निवासी है और बहन के घर आया था।
- टंकी पर फंसा कल्लू उर्फ साहबान काशीराम आवास कॉलोनी का रहने वाला है।
- पवन भी उसी कॉलोनी में रहता है।
मौके पर पहुंचे कई अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसएसपी अभिषेक महाजन समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की।