ज्योति मौर्या जैसा मामला: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर एक भावुक मामला सामने आया है। यहां 5वीं पास एक युवक ने मजदूरी करके अपनी पत्नी को ANM (नर्सिंग) का कोर्स कराया। पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद अब पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं है और 10 लाख रुपए की मांग कर रही है।
पीड़ित पति का कहना है कि पत्नी उसे बूढ़े माता-पिता को छोड़कर अलग रहने के लिए दबाव बना रही है। मामला अब परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच चुका है।
मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया, भैंस तक बेच दी
मामला मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव का है। यहां के रहने वाले राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी शादी साल 2001 में पिपरा लालच गांव निवासी रेनू वर्मा से हुई थी।
राजेश के मुताबिक शादी के समय दोनों की उम्र काफी कम थी और करीब 17 साल बाद 2018 में गौना हुआ। कुछ समय साथ रहने के बाद रेनू ने ANM कोर्स करने की इच्छा जताई।
राजेश का कहना है कि पत्नी की पढ़ाई पूरी कराने के लिए उन्होंने पंजाब जाकर मजदूरी की, लोहे की पल्लेदारी की और दिन-रात मेहनत की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी की पढ़ाई के खर्च के लिए दो भैंस तक बेच दीं। गन्ना बेचकर मिले 60 हजार रुपए भी पढ़ाई में लगा दिए।
“नौकरी लग गई तो अब साथ नहीं रहना चाहती”
राजेश के मुताबिक 2022 में रेनू मायके चली गईं और वहीं रहकर पढ़ाई करने लगीं। बाद में गोंडा के एक अस्पताल में नौकरी लग गई।
अब पत्नी उनके साथ रहने से इनकार कर रही है। राजेश का आरोप है कि पत्नी और ससुराल वाले उन्हें माता-पिता छोड़कर गोंडा में अलग रहने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मेरे पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और मां की आंखों की रोशनी चली गई है। ऐसे में मैं उन्हें छोड़कर अलग कैसे रह सकता हूं?”
राजेश का आरोप है कि पत्नी साथ रहने के बदले 10 लाख रुपए मांग रही है।
“पत्नी ने वादा किया था नौकरी के बाद साथ रहेगी”
राजेश ने बताया कि पढ़ाई के दौरान पत्नी ने वादा किया था कि नौकरी लगने तक वह मायके में रहेगी और बाद में ससुराल लौट आएगी।
लेकिन अब वह घर आने को तैयार नहीं है। पति का यह भी आरोप है कि शादी और गौने के समय दिए गए जेवर भी पत्नी और उसके परिवार ने अपने पास रख लिए हैं।
राजेश ने प्रशासन से पढ़ाई में खर्च किए गए पैसे और जेवर वापस दिलाने की मांग की है।
पत्नी बोली- “पढ़ाई के लिए खुद पैसे जुटाए”
वहीं रेनू वर्मा ने पति और ससुराल पक्ष के आरोपों को गलत बताया है।
रेनू का कहना है कि ससुराल में उनके साथ मारपीट होती थी, इसलिए वह वहां ज्यादा दिन नहीं रह पाती थीं। उन्होंने दावा किया कि पढ़ाई के लिए पति ने कोई आर्थिक मदद नहीं की।
रेनू ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई बार परीक्षा फॉर्म तक भरने के लिए संघर्ष करना पड़ा। बाद में किसी तरह पैसे जुटाकर पढ़ाई पूरी की और नौकरी हासिल की।
“नौकरी छोड़ने को तैयार नहीं”
रेनू का कहना है कि उन्होंने पति से सिर्फ इतना कहा था कि वह गोंडा में नौकरी कर रही हैं, इसलिए पति वहीं आकर रहें।
उन्होंने साफ कहा कि वह नौकरी नहीं छोड़ेंगी।
रेनू ने यह भी आरोप लगाया कि पति गोंडा स्थित किराए के कमरे पर आकर उनके साथ मारपीट कर चुके हैं। इस मामले में महिला थाने और एसपी ऑफिस में शिकायत भी की जा चुकी है।
परिवार परामर्श केंद्र में चल रहा मामला
महिला थानाध्यक्ष अनीता यादव ने बताया कि मामला परिवार परामर्श केंद्र में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि पति चाहता है कि पत्नी नौकरी छोड़कर गांव में रहे, जबकि पत्नी नौकरी जारी रखना चाहती है। दोनों को फिर से काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।