Viral Love Story: मध्य प्रदेश के सतना से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, जहां एक तरफ हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका कैदी और दूसरी तरफ उसी जेल की महिला अफसर। दोनों की मुलाकात जेल की दीवारों के बीच हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। अब दोनों शादी के बंधन में बंध चुके हैं और उनकी कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हत्या के मामले में उम्रकैद काट रहा था धर्मेंद्र
इस अनोखी कहानी का मुख्य किरदार छतरपुर जिले के चंदला इलाके का रहने वाला धर्मेंद्र सिंह है। साल 2007 में उसे एक पार्षद की हत्या और शव दफनाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने धर्मेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
जेल में शुरुआती समय उसके लिए बेहद मुश्किल रहा, लेकिन धीरे-धीरे उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा। जेल प्रशासन के मुताबिक धर्मेंद्र अनुशासित रहने लगा था और अच्छे आचरण की वजह से उसे जेल के भीतर कुछ जिम्मेदारियां भी दी गई थीं।
वह वारंट से जुड़े कामों में अधिकारियों की मदद करता था और यहीं से उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
जेल में मोहब्बत चढ़ी परवान तो टूट गई मजहब की दीवारें
केंद्रीय जेल सतना की मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक ने उम्र कैद की सजा काट चुके हिन्दू कैदी से रचाई शादी
शादी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम की#MadhyaPradesh #Chhatarpur… pic.twitter.com/N1eHVxC9Xk
— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) May 7, 2026
सतना जेल में हुई फिरोजा खातून से मुलाकात
फिरोजा खातून उस समय सतना सेंट्रल जेल में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के पद पर तैनात थीं। वह अपनी सख्त कार्यशैली और अनुशासन के लिए जानी जाती थीं।
वारंट से जुड़े कामों के दौरान धर्मेंद्र और फिरोजा की मुलाकातें बढ़ने लगीं। शुरुआत में दोनों के बीच सिर्फ अधिकारी और कैदी का रिश्ता था, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई।
बताया जाता है कि फिरोजा ने धर्मेंद्र के अंदर उस इंसान को देखा, जो अपने अतीत से बाहर निकलकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता था। वहीं धर्मेंद्र को पहली बार लगा कि कोई उसे अपराधी नहीं, बल्कि एक इंसान की तरह समझ रहा है।
जेल की दीवारों के बीच पनपता रहा प्यार
जेल के भीतर दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को निजी रखा। हालांकि जेल कर्मचारियों के बीच दोनों की बढ़ती नजदीकियों की चर्चा होती रहती थी।
धीरे-धीरे दोस्ती भरोसे में बदली और फिर यह रिश्ता प्यार तक पहुंच गया। लेकिन किसी ने शायद यह नहीं सोचा था कि यह रिश्ता एक दिन शादी तक पहुंच जाएगा।
14 साल बाद जेल से बाहर आया धर्मेंद्र
करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद धर्मेंद्र सिंह को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा कर दिया गया।
जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। वक्त बीतता गया, लेकिन उनका रिश्ता और मजबूत होता गया। आखिरकार करीब चार साल बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।
समाज से बचने के लिए बदला नाम
इस शादी की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि धर्मेंद्र ने शादी के कार्ड में अपना नाम बदलवा दिया। बताया जा रहा है कि वह नहीं चाहता था कि शादी से पहले लोगों को उसकी असली पहचान पता चले।
5 मई को लवकुश नगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। जैसे ही लोगों को पता चला कि दूल्हा वही शख्स है जो कभी हत्या के मामले में उम्रकैद काट चुका है और दुल्हन जेल विभाग की अधिकारी हैं, यह खबर तेजी से फैल गई।
परिवार ने किया विरोध, VHP नेता ने किया कन्यादान
बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और शादी में शामिल नहीं हुआ।
शादी का सबसे भावुक पल तब आया, जब विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा और उनकी पत्नी ने फिरोजा का कन्यादान किया। उन्होंने फिरोजा को अपनी बेटी मानते हुए यह रस्म निभाई।
इस दौरान बजरंग दल से जुड़े लोग भी शादी में मौजूद रहे। यही वजह है कि यह शादी अब सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रेम कहानी
जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल Media पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
कुछ लोग इसे “रीयल लाइफ जेल लव स्टोरी” बता रहे हैं, तो कुछ इसे इंसान के बदलने की मिसाल मान रहे हैं। वहीं कई लोग इस रिश्ते को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
हालांकि धर्मेंद्र और फिरोजा का कहना है कि उन्होंने यह फैसला पूरी समझदारी और अपनी मर्जी से लिया है।
जेल में भी थी रिश्ते की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक सतना सेंट्रल जेल में यह रिश्ता लंबे समय से चर्चा में था। हालांकि दोनों ने कभी खुलकर अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था।
जेल अधिकारियों का कहना है कि धर्मेंद्र ने जेल में अपने व्यवहार में काफी बदलाव दिखाया और अनुशासन का पालन किया। इसी वजह से उसे अच्छे आचरण का लाभ मिला।
आज धर्मेंद्र और फिरोजा पति-पत्नी हैं। जेल की ऊंची दीवारों के पीछे शुरू हुई यह मोहब्बत अब सात फेरों तक पहुंच चुकी है और यही वजह है कि सतना की यह कहानी दूर-दूर तक सुर्खियां बटोर रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).