POCSO Act: हरियाणा के Sonipat से एक बड़ा कोर्ट फैसला सामने आया है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नेशनल लेवल की आर्चरी खिलाड़ी से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में कोच कुलदीप वेदवान को दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत जुर्माना भी लगाया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला
यह मामला फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में चला, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप साबित होते हैं।
कितनी सजा और जुर्माना हुआ तय?
कोर्ट ने आरोपी को POCSO एक्ट की धारा 10 के तहत 5 साल की कठोर कैद और ₹10,000 जुर्माने की सजा दी।
वहीं धारा 12 के तहत 3 साल की कठोर कैद और ₹5,000 जुर्माना लगाया गया।
अगर जुर्माना नहीं भरा जाता है तो अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
मामला कब और कैसे शुरू हुआ?
यह मामला अगस्त 2023 में Murthal Police Station में दर्ज किया गया था। पीड़िता एक राष्ट्रीय स्तर की जूनियर आर्चरी खिलाड़ी थी, जिसने कोच पर गंभीर आरोप लगाए थे।
होटल में हुई घटना का आरोप
शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2023 में ट्रायल के दौरान खिलाड़ी को सोनीपत के होटल में ठहराया गया था। आरोप है कि 7 अप्रैल 2023 की सुबह करीब 4 बजे कोच होटल के कमरे में घुसा और गलत हरकत की। पीड़िता ने 15–20 मिनट संघर्ष कर खुद को बचाया और दूसरे खिलाड़ियों के कमरे में जाकर मदद ली।
दबाव और धमकी के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कोच ने माफी मांगकर मामला दबाने की कोशिश की। साथ ही यह भी कहा कि अगर वह सहयोग करेगी तो उसे बड़ा खिलाड़ी बना देगा। बाद में भी उस पर दबाव बनाने और बार-बार कॉल करने के आरोप लगे।
खिलाड़ी का चयन और खुलासा
घटना के बाद पीड़िता का चयन एशिया कप सिंगापुर के लिए हुआ। इसके बाद उसने अपने परिवार को जानकारी दी और मामला सामने आया। परिवार ने जांच के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कोर्ट में सबूत पेश किए। लंबी सुनवाई के बाद 15 मई 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया गया और 20 मई को सजा सुनाई गई।
कोच का बैकग्राउंड
आरोपी कुलदीप वेदवान खुद भी नेशनल लेवल के आर्चरी खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने कई राज्यों में आर्चरी अकादमी चलाने और कोचिंग देने का काम किया है। बाद में वे कोचिंग और अकादमी नेटवर्क से जुड़े रहे।