बलिया में STF की बड़ी कार्रवाई: बंगाल में चर्चित हत्या कांड से जुड़े आरोपी के पास मिला विदेशी हथियारों का जखीरा
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पश्चिम बंगाल में हुए चर्चित हत्या कांड की जांच के दौरान पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर अपराधी को भारी मात्रा में अवैध असलहों और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फेफना थाना क्षेत्र के थम्मनपुरा गांव में की गई, जहां से आरोपी नवीन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में मऊ जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले ने उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि बरामद हथियारों में विदेशी निर्मित पिस्टल भी शामिल है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पीछे सक्रिय अपराधियों और संभावित आपराधिक साजिश की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं।
पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्या कांड से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में 6 मई को मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्या के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की जांच में जुटी हुई थी। जांच के दौरान सूचना मिली कि बलिया के फेफना थाना क्षेत्र स्थित थम्मनपुरा गांव निवासी नवीन कुमार सिंह के पास अवैध हथियार छिपाकर रखे गए हैं।
सूचना मिलते ही एसटीएफ वाराणसी यूनिट सक्रिय हो गई और 19 मई को टीम बलिया पहुंची। कई दिनों तक निगरानी और तलाश के बाद एसटीएफ ने आरोपी नवीन कुमार सिंह को विशुनीपुर इलाके के पास से दबोच लिया।
पूछताछ में खुला हथियारों के नेटवर्क का राज
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपी नवीन कुमार सिंह ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि 7 मई को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मन्नू उससे मिलने उसके घर आया था। मन्नू स्विफ्ट डिजायर कार से पहुंचा था और उसके साथ राजकुमार सिंह तथा गोलू सिंह भी मौजूद थे।
नवीन के मुताबिक कुछ देर बाद राजकुमार और गोलू वहां से चले गए, जबकि मन्नू उसके घर पर ही रुका रहा। बाद में नवीन उसे उसके गांव शीतल दवनी छोड़ने गया। इसी दौरान मन्नू ने उसे एक झोला दिया, जिसमें कई अवैध असलहे रखे हुए थे।
महिंद्रा शोरूम के पास छिपाकर रखा गया था हथियारों का जखीरा
पूछताछ के बाद नवीन कुमार सिंह ने एसटीएफ टीम को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक महिंद्रा शोरूम के पास ले जाकर हथियारों से भरा झोला बरामद कराया। टीम ने जब झोले की तलाशी ली तो उसमें से तीन पिस्टल, दो रिवाल्वर, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और खोखा बरामद हुए।
बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- तीन पिस्टल
- दो रिवाल्वर
- 15 जिंदा कारतूस (32 बोर पिस्टल)
- 30 जिंदा कारतूस (32 बोर रिवाल्वर)
- तीन खोखा कारतूस
- एक मोबाइल फोन
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक बरामद एक पिस्टल विदेशी निर्मित है। उसके नाल पर “Property of the U.S. Government” अंकित मिला। इसके अलावा हथियार पर “Automatic Pistol 9 MM 9 Round” और “Double Eagle Made in United State of America” भी लिखा हुआ पाया गया। विदेशी हथियार मिलने के बाद जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
STF निरीक्षक की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
एसटीएफ वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर फेफना थाने में आरोपी नवीन कुमार सिंह के खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 3, 7, 25 और 27 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अब अन्य संदिग्धों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। हथियारों की सप्लाई चेन, उनके इस्तेमाल और हत्या कांड से कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है।
अदालत में पेशी के बाद भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी नवीन कुमार सिंह को बलिया के स्थानीय न्यायालय में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में मऊ जेल भेजने का आदेश दिया।
इस पूरे मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
बलिया में विदेशी हथियारों की बरामदगी और पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्या कांड से जुड़े तार सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि गांव के एक व्यक्ति के पास इतने आधुनिक और खतरनाक हथियार कैसे पहुंचे।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। वहीं आरोपी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।